‘आखिर कोई कितना सब्र रखे। सुबह से लाइन में लगे चार घंटे के बाद बैंकवाले बोल रहे हैं कैश खत्म हो गया घर जाओ। पिछले पांच दिन से यही हो रहा है। हम करें तो क्या करें।’ लगभग साठ साल की परेशान हमीदन जब यह सवाल करती हैं तो जवाब किसी के पास नहीं होता। चाहे वहां मौजूद बैंक कर्मचारी हों या पुलिसकर्मी।
जब बर्दाश्त नहीं हुआ नोटबंदी का दर्द तो चारपाई लगा महिलाओं ने किया हाईवे जाम
भूपेंद्र कुमार/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 29 Nov 2016 04:38 PM IST
सार
गुरुग्राम अलवर मार्ग पर चारपाई डालकर जाम लगाती महिलाओं की फोटो भी है
हेडिंग: जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो हाईवे पर दिखा गुस्सा
सबहेड : गुरुग्राम से मेवात और पलवल से फरीदाबाद तक कैश नहीं मिलने से बढ़ रही परेशानी
बड़े नोट बंद होने के लगभग तीन सप्ताह बाद भी नोटों की किल्लत
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