नोएडा में महिलाओं की सुरक्षा के लिए शहर में पिंक ऑटो चलाने की योजना बनाई गई। इसे अमल में लाने के लिए दो वर्षों से प्रयास किया जा रहा था। अब जाकर शहर में पिंक ऑटो चलने लगे, लेकिन यहां भी बात बनती नजर नहीं आ रही है। ऑटो चलने के पहले दिन से ही कई तरह की परेशानियों का जिक्र शुरू हो गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
ऑटो चलने के बाद चालकों ने महिला सवारी नहीं मिलने की परेशानी जताई। वहीं, कई चालकों का कहना है कि दिनभर में एक से दो सवारी ही मिल पाती हैं। इससे उनका गुजारा नहीं चल पाएगा। इस बात की जानकारी एआरटीओ तक भी पहुुंची। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि महिला सवारी नहीं मिलने पर पुरुष सवारी भी बैठा सकत हैं, लेकिन फिर भी परेशानियां कम नहीं हुईं।
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दूसरी ओर महिला सवारियां पिंक ऑटो की जाली पर भी सवाल उठा रहीं हैं। बॉटेनिक गार्डन मेट्रो स्टेशन के बाहर ऑटो में बैठी एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा दीपिका ने बताया कि सुनसान रोड पर चलते हुए पिंक ऑटो में डर लगा रहता है। भगवान न करे कुछ हो जाए, लेकिन अगर कभी ऐसी स्थिति हुई तो जाली की वजह से किसी से मदद भी नहीं मांग पाएंगे।
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स्टैंड पर पिंक ऑटो के खड़े नहीं होने की शिकायत
बॉटेनिक गार्डन मेट्रो स्टेशन के बाहर पिंक ऑटो का स्टैंड बना हुआ है। अमर उजाला संवाददाता ने मौके पर जाकर देखा तो यहां पर पहले से ही सामान्य ऑटो खड़े थे। दूर-दूर तक पिंक ऑटो दिखाई ही नहीं दिया। इसी बीच कुछ लड़कियां आती हैं, लेकिन पिंक ऑटो नहीं होने से उन्हें मजबूरी में सामान्य ऑटो में बैठकर जाना पड़ा।
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बड़े पिंक ऑटो पर महिला और पुरुष दोनाें
शहर में इस समय बड़े पिंक ऑटो भी दिख रहे हैं। पूरी तरह से गुलाबी रंग में रंगे हुए ऐसे ऑटो पर महिला और पुरुष दोनों बैठे हुए दिखे। हालांकि परिवहन विभाग के अधिकारी इस बात की जानकारी नहीं दे पाए कि थ्री सीटर को ही पिंक ऑटो का परमिट मिला है या फिर बड़े ऑटो को भी परमिट दिया गया है।