यूपी: दादरी से खुर्जा के बीच 80 गांव की जमीन पर बसाया जाएगा न्यू नोएडा, मास्टर प्लान तैयार; क्या होगा खास?
अब न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण की तैयारी नोएडा प्राधिकरण ने शुरू कर दी है। दो जीएम, 10 वरिष्ठ प्रबंधक व दो लेखपाल की तैनाती कर दी गई है। इसके साथ ही पहले दो चरण के लिए 32 गांव चिन्हित कर लिए गए हैं।
विस्तार
नोएडा अपने 50 साल में विकास के शीर्ष पर पहुंच चुका है। अब आगे क्या के सवाल का जवाब दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (न्यू नोएडा) है। इस निवेश क्षेत्र को बसाने की जिम्मेदारी भी सरकार ने नोएडा को दी हुई है। मास्टर प्लान-2041 बनकर मंजूर हो चुका है। प्राधिकरण ने यह भी तय कर दिया है कि जमीन की दरें ग्रेटर नोएडा-यमुना प्राधिकरण के बराबर होंगी। न्यू नोएडा का मास्टर प्लान तैयार करने में प्राधिकरण ने उन समस्याओं को शुरुआती स्तर पर ही दूर करवाया है जो नोएडा में अब आ रही हैं। इस तरह से नोएडा का और आधुनिक स्वरूप बुलंदशहर के 60, दादरी के 20 गांव की जमीन पर प्रस्तावित न्यू नोएडा में दिखेगा।
अब न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण की तैयारी नोएडा प्राधिकरण ने शुरू कर दी है। दो जीएम, 10 वरिष्ठ प्रबंधक व दो लेखपाल की तैनाती कर दी गई है। इसके साथ ही पहले दो चरण के लिए 32 गांव चिन्हित कर लिए गए हैं। इसमें 281 किसानों ने नोएडा प्राधिकरण को अपनी जमीन देने की सहमति दे दी है।
बीच से गुजरेगी 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड
न्यू नोएडा की कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया है। न्यू नोएडा में सबसे चौड़ी सड़क बनाई जाएंगी। सड़कों का यह नेटवर्क न्यू नोएडा के बीच से निकलने वाली करीब 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड से जुड़ेगा। यह रोड दादरी से शुरू होकर खुर्जा की तरफ जाएगी। खुर्जा के छोर पर इससे दो सड़कें निकलेंगी जो एक खर्जा जाएगी दूसरी जेवर में नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगी। ग्रिड रोड के कांसेप्ट को लेकर प्लानिंग करने वाली टीम का मानना है कि न्यू नोएडा पूरी तरह इनवेस्टमेंट रीजन के रूप में बसाया जाएगा। इसमें इंडस्ट्री और वेयर हाउसिंग अकेले 40 प्रतिशत में होंगी। बड़े वाहनों का मूवमेंट शहर के बीच से होने पर समस्या न बने इसके लिए यह 130 मीटर चौड़ी रोड बनाए जाना प्रस्तावित किया गया है। इस रोड से निकलने वाली सड़कें 75 से 105 मीटर चौड़ी होंगी। फिर उन सड़कों से सेक्टर रोड निकाली जाएंगी जो 45 से 75 मीटर चौड़ी होंगी।
औद्योगिक इकाईयों में कामगारों के रहने की जगह चिन्हित होगी
न्यू नोएडा की प्लानिंग में कंपनी से लेकर फैक्ट्री तक में काम करने वाला जो मजदूर तबका है उसकी रिहायस की प्लानिंग भी की गई है। प्लानिंग में यह है कि बड़े इंडस्ट्रियल प्लॉट में कामगारों के रहने के ठिकानों के लिए भी जमीन आरक्षित की जाए। नोएडा में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जो खतरे वाली इंडस्ट्री हैं उनमें ये नहीं किया जाएगा। बाकी सामान्य उद्योगों में ये लागू होगा।
भू-जल की नहीं होगी सप्लाई, गंग नहर किनारे लगेंगे 6 प्लांट
नोएडा में पानी की किल्लत और बढ़े हुए टीडीएस लेवल की समस्या को देखते हुए न्यू नोएडा में पहले से प्लानिंग की गई है। न्यू नोएडा में प्राधिकरण जो पाली सप्लाई करेगा उसका एक प्रतिशत भी जमीन से नहीं निकाला जाएगा। प्रस्तावित नक्शे में किनारे से गंग नहर गुजर रही है और उससे कटने वाली दो नहरे अंदर से निकल रही हैं। इन नहरों को और विकसित किया जाएगा। इनके किनारे ही 310 एमएलडी क्षमता वाले 6 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इनमें दो 70-70 एमएलडी व एक 30 एमएलडी क्षमता का प्लांट गंग नहर के किनारे होगा। लॉजिस्टिक्स हब और ट्रांजिट हब भी किए जाएंगे विकसित- दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर, केजीपी, जीटी रोड, बन रहा जेवर एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी होने से न्यू नोएडा में लॉजिस्टिक्स को लेकर भी अपार संभावनाएं हैं। इसको देखते हुए 66 हेक्टेयर के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, 60 हेक्टेयर के मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब, 182 हेक्टेयर के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब को विकसित करने की योजना बनाई गई है। इनके लिए जमीन भी चिन्हित कर दी गई है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि इस जमीन का आवंटन चरण का बाध्यता से हटकर पहले भी किया जा सकता है।
न्यू नोएडा को ऐसे समझें
औद्योगिक और वेयर हाउसिंग- 40 प्रतिशत , 130 मीटर चौड़ी रोड बीच से गुजरेगी, जिससे सड़कों का ग्रिड नेटवर्क बिछेगा। इस रोड से निकलने वाली सड़कें 75 से 105 मीटर चौड़ी होंगी। फिर उन सड़कों से सेक्टर रोड निकाली जाएंगी जो 45 से 75 मीटर चौड़ी होंगी।
न्यू नोएडा को इनवेस्टमेंट रीजन के तर्ज पर बसाया जा रहा है। इसका क्षेत्रफल करीब 200 वर्ग किलोमीटर होगा। नोएडा का 203 वर्ग किलोमीटर है। नोएडा की तुलना में आवासीय एरिया न्यू नोएडा में कम होगा। नोएडा में आवासीय 37 से 38 प्रतिशत आवासीय एरिया है वहीं न्यू नोएडा में यह 13.44 प्रतिशत ही होगा। क्षेत्रफल में 28.11 वर्ग मीटर होगा।
5 चरण में न्यू नोएडा बसाया जाना प्रस्तावित है। पहला चरण10 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण से शुरू होगा। इसमें 537.09 हेक्टेयर जमीन पर प्लानिंग धरातल पर आ जाएगी। पांचवा चरण-2041 से शुरू कर 2047 तक पूरा किए जाने की योजना है।
नोएडा से 3 वर्ग किलोमीटर छोटा होगा न्यू नोएडा
नोएडा प्राधिकरण की जीएम प्लानिंग मीना भार्गव ने बताया कि न्यू नोएडा को इनवेस्टमेंट रीजन के तर्ज पर बसाया जाएगा। इसका क्षेत्रफल करीब 200 वर्ग किलोमीटर होगा। नोएडा का 203 वर्ग किलोमीटर है। नोएडा के बराबर ही न्यू नोएडा को भी किए जाने की कोशिश में 4 गांव और जोड़ने की सिफारिश की गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की समस्याओं से सबक लेते हुए इन शहरों की तलना में न्यू नोएडा में सबसे चौड़ी सड़क बनाई जाएंगी। सड़कों का यह नेटवर्क न्यू नोएडा के बीच सेनिकलने वाली करीब 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड से जुड़ेगा। इसके बाद 105, 75, 70, 60, 45 मीटर चौड़ी सड़कें दोनों तरफ निकलेंगी। जीएम ने बताया कि बीच से गुजरने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क पर किसी भी वाहन चालक के पहुंचने के बाद दाएं या बाएं न्यू नोएडा के अंतिम छोर पर जाने के लिए मुश्किल से 30 मिनट का समय लगेगा। कनेक्टिविटी का प्लान भविष्य की जरूरतों व भारी वाहनों के हिसाब से किया गया है।
न्यू नोएडा के 80 गांव के तैयार मास्टर प्लान में भू-उपयोग
भू-उपयोग जमीन हेक्टेयर में प्रतिशत
आवासीय 2810.52 13.44
वाणिज्यिक 849.96 4.06
संस्थागत 1739.92 8.32
सुविधाएं 195.98 0.94