उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर की हत्या के मामले में बुधवार(24 अप्रैल) को दिल्ली पुलिस की आपराध शाखा ने अपूर्वा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही रोहित शेखर हत्याकांड से पर्दा उठ गया है। 11 महीने की शादी का ऐसा अंत होगा ये किसी ने नहीं सोचा था। अपूर्वा शुक्ला से रोहित ने पहले प्यार किया फिर शादी की और शादी के 11 महीने बाद अपूर्वा ने रोहित का कत्ल कर दिया। जानिए कौन है अपूर्वा शुक्ला, उसके बारे में सबकुछ....
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अपूर्वा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि साल 2018 में 11 मई को रोहित शेखर तिवारी की शादी मध्यप्रदेश निवासी अपूर्वा शुक्ला से हुई थी। शादी के लाल जोड़े में अपूर्वा चांद का टुकड़ा लग रही थीं। शादी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पहुंचकर वर-वधु को आशीर्वाद दिया था। नई दिल्ली के पांच अशोक रोड स्थित आनंदा भवन में हुए विवाह समारोह में कई नेताओं ने शिरकत की थी।
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अपूर्वा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
अपूर्वा ने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई भी इंदौर में ही की है। वर्ष 2015 से इंदौर हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। 2016 में वह प्रैक्टिस के लिए सुप्रीम कोर्ट चली गईं। शादी के बाद अपूर्वा का इंदौर आना-जाना भी लगा रहता था। बीते छह महीने से वह इंदौर हाईकोर्ट में भी प्रैक्टिस कर रही हैं।
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अपूर्वा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
अपूर्वा के पिता पीके शुक्ला इंदौर हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। घटना के बारे में मीडियाकर्मियों के पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आरोप तो भगवान पर भी लगे हैं। वह किसी को डांटे, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, हत्या की बात तो संभव भी नहीं है।
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रोहित शेखर की पत्नी और ससुर
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी अपने छोटे से राजनीतिक जीवन में पक्के सियासी ठौर की तलाश ही करते रहे। मगर यह उन्हें नसीब नहीं हो पाया। कांग्रेस, भाजपा से लेकर सपा तक के साथ उनका प्रत्यक्ष और परोक्ष नाता रहा, लेकिन दमदार राजनीतिक पारी खेलने के लिए एक भी ऐसा घर उन्हें नहीं मिल पाया, जो उन्हें आत्मसात करता। अपने जैविक पुत्र को राजनीति में स्थापित करने के लिए एनडी तिवारी ने भी खूब मशक्कत की, लेकिन बात नहीं बन पाई। तिवारी के उत्तराधिकारी बतौर खुद को स्थापित करने के लिए रोहित शेखर तिवारी आने वाले दिनों में और संघर्ष करते, लेकिन असामयिक मौत ने सारी संभावनाओं का पटाक्षेप कर दिया।