फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तीन तलाक पर केंद्र सरकार ने लगाया अवैध का ठप्पा, शबनम ने कहा- अभी तो शुरुआत है

Wed, 19 Sep 2018 11:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो, अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Wed, 19 Sep 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
Victims rejoice over the ordinance of central government on triple Talaq
shabnam
तीन तलाक पर केंद्र सरकार के अध्यादेश को तीन तलाक पीड़िता रानी शबनम ने पीड़िताओं को इंसाफ दिलाने के लिए उठाया गया पहला कदम बताया है। साथ ही कहा कि सरकार का आदेश पीड़ित याचिकाकर्ताओं की जीत है। एक अन्य पीड़िता फरजाना का मानना है कि अध्यादेश के आने से महिलाओं पर अत्याचार रुकेगा।
Victims rejoice over the ordinance of central government on triple Talaq
Farzaan
सिकंदराबाद के मोहल्ला भाटियावाड़ा निवासी फरजाना और अगौता थाना क्षेत्र के गांव जौलीगढ़ निवासी रानी उर्फ शबनम ने समाजसेवी डा. समीना की मदद से तीन तलाक, बहुविवाह, हलाला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को अवैध करार दे दिया था।
Victims rejoice over the ordinance of central government on triple Talaq
BJP
तीन तलाक को अवैध करार दिए जाने के बाद उसे कानून की शक्ल देने के लिए भाजपा ने लोकसभा में तीन तलाक के खिलाफ प्रस्ताव पास कर राज्यसभा के लिए भेज दिया था। विपक्षियों का समर्थन नहीं मिलने के कारण बिल राज्यसभा में अटका हुआ था। बुधवार को केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर तीन तलाक को अवैध करार दे दिया। केंद्र सरकार के इस फैसले का तीन तलाक पीड़िताओं ने स्वागत किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Victims rejoice over the ordinance of central government on triple Talaq
ट्रिपल तलाक - फोटो : ANI
पीड़िता फरजाना का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम से तीन तलाक पीड़िताओं को राहत मिलेगी। महिलाओं पर अत्याचारों में कमी आएगी। वही तलाक के मामलों में कमी आएगी। दूसरी ओर तीन तलाक और एसिड अटैक की शिकार हुई रानी उर्फ शबनम ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के हक में अध्यादेश जारी किया है।
विज्ञापन
Victims rejoice over the ordinance of central government on triple Talaq
Triple Talaq

अब महिलाओं को इस्तेमाल की वस्तु नहीं समझा जाएगा। उन्हें भी अपने इच्छानुसार जीवन जीने का हक मिलेगा। बताया कि तीन तलाक पर अध्यादेश तीन तलाक पीड़िताओं को इंसाफ के लिए उठाया गया पहला कदम है। हालांकि अभी मंजिल दूर है। इसके लिए अभी लंबी लड़ाई लड़नी होगी। तीन तलाक, बहुविवाह, हलाला बिल को राज्यसभा में पास कराने के लिए मुस्लिम महिलाओं को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed