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Delhi NCR News: जेएनयू में गैर हिंदी भाषी छात्रा के उत्पीड़न का सहायक प्रोफेसर पर लगा आरोप
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-छात्रा ने शिक्षक पर लगाया भाषाई भेदभाव का आरोप
पीडीएसयू ने की विश्वविद्यालय से मामले की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के सेंटर फॉर जापानी स्टडीज के एक सहायक प्रोफेसर पर गैर-हिंदी भाषी छात्रा का शैक्षणिक उत्पीड़न, भाषाई भेदभाव व अपमान करने का आरोप लगा है। प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (पीडीएसयू) ने विश्वविद्यालय से मामले की जांच व सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की मांग की है।
पीडीएसयू के अनुसार, सहायक प्रोफेसर ने छात्रा को कक्षा में हिंदी बोलने-लिखने का दबाव डाला, उसके दक्षिण भारतीय लहजे का मजाक उड़ाया और अन्य छात्रों से उस पर हंसने को प्रोत्साहित किया। छात्रा को हिंदी व संस्कृत के कठिन शब्दों व श्लोकों का अनुवाद करने को भी कहा गया, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गई। क सितंबर को बीमारी के बाद कक्षा लौटने पर प्रोफेसर के पूछताछ व दबाव के चलते उसे कक्षा छोड़नी पड़ी।
संगठन ने प्रोफेसर पर कक्षाएं व परीक्षाओं में देरी करने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा छात्रों के सरनेम व सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पूछने व लालकिला कार ब्लास्ट पर मजाक उड़ाने के भी आरोप हैं। पीडीएसयू ने इसे जेएनयू की आचार संहिता के विपरीत बताते हुए निष्पक्ष जांच व शिकायत के लिए सुरक्षित व्यवस्था की मांग की है। प्रोफेसर व प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जेएनयू की कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी पंडित स्वयं दक्षिण भारत से हैं।
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पीडीएसयू ने की विश्वविद्यालय से मामले की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के सेंटर फॉर जापानी स्टडीज के एक सहायक प्रोफेसर पर गैर-हिंदी भाषी छात्रा का शैक्षणिक उत्पीड़न, भाषाई भेदभाव व अपमान करने का आरोप लगा है। प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (पीडीएसयू) ने विश्वविद्यालय से मामले की जांच व सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की मांग की है।
पीडीएसयू के अनुसार, सहायक प्रोफेसर ने छात्रा को कक्षा में हिंदी बोलने-लिखने का दबाव डाला, उसके दक्षिण भारतीय लहजे का मजाक उड़ाया और अन्य छात्रों से उस पर हंसने को प्रोत्साहित किया। छात्रा को हिंदी व संस्कृत के कठिन शब्दों व श्लोकों का अनुवाद करने को भी कहा गया, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गई। क सितंबर को बीमारी के बाद कक्षा लौटने पर प्रोफेसर के पूछताछ व दबाव के चलते उसे कक्षा छोड़नी पड़ी।
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संगठन ने प्रोफेसर पर कक्षाएं व परीक्षाओं में देरी करने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा छात्रों के सरनेम व सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पूछने व लालकिला कार ब्लास्ट पर मजाक उड़ाने के भी आरोप हैं। पीडीएसयू ने इसे जेएनयू की आचार संहिता के विपरीत बताते हुए निष्पक्ष जांच व शिकायत के लिए सुरक्षित व्यवस्था की मांग की है। प्रोफेसर व प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जेएनयू की कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी पंडित स्वयं दक्षिण भारत से हैं।
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