VIDEO: 'मेरा नाम खालिद जरूर है लेकिन मैं आतंकी नहीं हूं'
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित रूप से देशविरोधी नारे लगाने का मुख्य आरोपी उमर खालिद अपने बाकी चार साथियों के साथ रविवार देर रात कैंपस पहुंचा। उसने कैंपस के सैकड़ों छात्रों के साथ सभा की और एक लंबा भाषण दिया जिसमें उसने सरकार और दिल्ली पुलिस की खूब खिल्ली उड़ाई। बता दें कि खबर मिलने पर पुलिस भी जेएनयू पहुंच गई लेकिन जेएनयू प्रशासन की मंजूरी न मिलने के कारण उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं सूत्रों से तो ये भी खबर आ रही है कि पुलिस ने जेएनयू वीसी को कोई चिट्ठी नहीं भेजी है।
VIDEO: 'मेरा नाम खालिद जरूर है लेकिन मैं आतंकी नहीं हूं'
खालिद के साथ आरोपी छात्र अनिर्बान, आशुतोष, रामा नागा और अनंत भी मौजूद हैं। पुलिस को कैंपस के अंदर जाने के लिए जेएनयू के वीसी की बैठक का इंतजार है। वहीं खबर ये भी है कि कुछ देर में जेएनयू के टीचर्स एसोसिएशन की बैठक होने वाली है। कल रात उमर खालिद ने 15 मिनट लंबा भाषण दिया जिसमें उसने बताया कि उसने पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी कोई नारा नहीं लगाया है। गलत वीडियो के माध्यम से उसका मीडिया ट्रायल किया जा रहा है। खालिद ने और भी बहुत कुछ कहा ये जानने पढ़ें आगे की स्टोरी व देखें खालिद का वीडियो।
VIDEO: 'मेरा नाम खालिद जरूर है लेकिन मैं आतंकी नहीं हूं'
उमर खालिद ने अपने भाषण की शुरूआत करते ही कहा कि 'मेरा नाम उमर खालिद जरूर है बट आई एम नॉट ए टेररिस्ट।' उमर खालिद ने कहा कि अगर मैंने कुछ गलत किया है तो पुलिस आए और मुझे ले जाए। उसने कहा कि मैंने भारत विरोधी नारे नहीं लगाए। मीडिया में मेरा ट्रायल हो रहा है।
VIDEO: 'मेरा नाम खालिद जरूर है लेकिन मैं आतंकी नहीं हूं'
उमर ने आगे कहा कि इस समय और पिछले कुछ टाइम से छात्र सड़कों पर हैं, मैं उनका शुक्रगुज़ार हूं। ये लड़ाई कुछ हम 5-6 लोगों के लिए नहीं थी, आज ये लड़ाई इस विश्वविद्यालय की नहीं बल्कि देश के हर विश्वविद्यालय की लड़ाई है कि आने वाले दिनों में हमारा कैसा समाज होगा।
VIDEO: 'मेरा नाम खालिद जरूर है लेकिन मैं आतंकी नहीं हूं'
खालिद ने सरकार और दिल्ली पुलिस की जांच पर व्यंग करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में मुझे अपने बारे में ऐसी ऐसी बातें पता चलीं जो मुझे खुद नहीं पता थी। मुझे पता चला कि मैं 2 बार पाकिस्तान होकर आया हूं, मेरे पास पासपोर्ट नहीं है और मैं पाकिस्तान हो कर आया हूं। फिर मुझे पता चला कि में मास्टरमाइंड था। उसने कहा कि जेएनयू के छात्रों के माइंड बहुत बहुत इंटेलिजेंट हैं इसलिए मास्टरमाइंड हैं।