यूपी के गोरखपुर स्थित राजघाट थाना क्षेत्र में मंगलवार को राप्ती नदी में नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान देर शाम तीनों के शव एक-एक कर बरामद कर लिए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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मृत किशोर और गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
तीनों की उम्र 15 वर्ष
जानकारी के अनुसार, तुर्कमानपुर निवासी सुनील का बेटा निक्कू (15), मोहन का बेटा सत्ती (15) और फखरुद्दीन का बेटा इरफान (15) मंगलवार को राजघाट स्थित राप्ती नदी में नहाने गए थे। नहाते समय तीनों किशोर गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूब गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
एनडीआरएफ ने चलाया ऑपरेशन
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी की और एनडीआरएफ टीम को तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ टीम ने सबसे पहले निक्कू और सत्ती के शव नदी से बाहर निकाले। तीसरे किशोर इरफान की तलाश देर शाम तक जारी रही, जिसके बाद उसका शव भी बरामद कर लिया गया।
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों में मचा कोहराम
तीनों किशोरों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घरों में चीख-पुकार गूंज उठी और पूरे तुर्कमानपुर क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
नदी-तालाबों में डूबने की घटनाओं पर रोकने के लिए शुरू किया गया जागरूकता अभियान
नदी एवं तालाबों में नहाने के दौरान होने वाली डूबने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पुलिस टीमों द्वारा नदी घाटों, तालाबों और आसपास स्थित गांवों में जाकर आमजन को सतर्क किया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिसकर्मी ग्रामीणों और अभिभावकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने बच्चों को गहरे जलाशयों और नदी में नहाने के लिए न भेजें, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसके साथ ही संवेदनशील और गहरे घाटों के किनारे चेतावनी संबंधी बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं, ताकि लोग सावधानी बरतें और जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है।