आखिर कैंपस में ऐसा क्या हुआ जो जान देने के लिए कॉलेज की छत पर चढ़ीं 3 छात्राएं
तीनों छात्राआें को बचाने के लिए छात्रों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आनन-फानन में कालेज के कर्मचारियों ने छत पर चढ़कर छात्राओं को जैसे-तैसे बचाया। इसके बाद भड़के छात्रों का रेला जीटी रोड पर पहुंचा और ट्रैफिक जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस बल और एडीएम सिटी ने जैसे-तैसे छात्रों को शांत कराया। इस दौरान करीब दो घंटे तक बवाल चलता रहा और जीटी रोड पर वाहन फंसे रहे। नए सत्र में दाखिले को लेकर इन दिनों डिग्री कालेजों में हंगामा हो रहा है। एमएमएच कालेज में बृहस्पतिवार को छात्र-छात्राएं उग्र हो गए।
सुबह जब कालेज खुला तो हंगामा शुरू हो गया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में काफी सीटें खाली पड़ी हैं, लेकिन एडमिशन नहीं हो रहा है। इसी बीच तीन छात्राएं कालेज की छत पर चढ़ गईं और आत्महत्या की धमकी देने लगीं। इससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। छात्र नीचे से शोर मचाने लगे। शिक्षक और कर्मचारी भी अपने कक्षों से बाहर निकल आए और छात्राओं को काफी समझाया गया पर वह नहीं मानीं। इस बीच कुछ कर्मचारी कालेज की छत पर चढ़ गए और छात्राओं को जैसे-तैसे नीचे उतारा। इसके बाद भड़के छात्र-छात्राआें ने सांध्य कालीन कक्षाओं को शुरू करने व उसमें छात्राओं को भी दाखिला देने के साथ एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कालेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। फिर छात्रों का रेला जीटी रोड पहुंचा।
छात्राएं जीटी रोड पर ही बैठ गईं और नारेबाजी करने लगीं। इससे हाईवे पर जाम लग गया। सूचना पर सीओ मनीषा सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने छात्राआें को काफी समझाया पर वह नहीं मानीं। इस दौरान उनकी छात्रों के साथ खूब नोकझोंक भी हुई। छात्रों का कहना था कि कालेज में 60 फीसदी सीटें खाली पड़ी हैं। इसके बावजूद दाखिले नहीं हो रहे। सूचना पर एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल कालेज पहुंचीं और शिक्षकों व छात्रों के साथ बैठक की। छात्रों ने अपनी सभी समस्याएं उनके सामने रखीं। एडीएम सिटी ने आश्वासन दिया कि वह डीएम से मिलकर इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात करेंगी और समाधान निकाला जाएगा। इसके बाद विद्यार्थी शांत हुए। प्रदर्शन में मुकेश कुमार, मोहित कुमार, विकास सिंह, हितेश कुमार, पवन राय, अंकित पाल, गौरव कुमार आदि शामिल रहे।
एसडी कॉलेज में भी हुआ हंगामा एसडी कॉलेज में छात्रों ने स्नातक कोर्स में सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर हंगामा किया। छात्रसंघ अध्यक्ष राज नागर ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ रहा है। अब भी सैकड़ों छात्रों का एडमिशन नहीं हो पाया है। यदि सीटें बढ़ती हैं तो काफी छात्रों को फायदा मिलेगा। सीटें न बड़ी तो छात्र सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।