सत्ता के सहारे आश्रम से खिसकने के आखिरी दांव में भी चिन्मयानंद हार गए। गुरुवार आधी रात चेकअप कराने के बहाने वह आश्रम से निकलने ही वाले थे कि एसआईटी पहुंच गई। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम से जब चेकअप के लिए लिखित एडवाइजरी मांगी तो कोई देने को तैयार न हुआ। बस यहीं बीमारी की नौटंकी सामने आ गई और एसआईटी ने एंबुलेंस में बैठ चुके चिन्मयानंद को नीचे उतार लिया। सुबह उनकी गिरफ्तारी हो गई।
सत्ता से नजदीकी के नाम पर चिन्मयानंद ने गिरफ्तारी से बचने को जितने भी दांव चले, वे फेल होते गए। कभी फिरौती मामले में अपने लोगों को बीच-बचाव को भेजा। एसआईटी से पूछताछ को समय मांगा तो कभी हरिद्वार जाकर बैठ गए। लेकिन गुरुवार की रात उनकी ड्रामा फेल हो गया। राजकीय अस्पताल में भर्ती स्वामी ने पहले तो आयुर्वेद का उपचार कराने के नाम पर केजीएमसी जाने से इनकार किया और खुद आश्रम चले आए।
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स्वामी चिन्मयानंद की कोर्ट में पेशी
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार रात करीब 11 बजे उन्होंने सीने में दर्द और घबराहट होने की जानकारी आश्रम में मौजूद लोगों को दी तो उन लोगों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के डॉ. एमएल अग्रवाल और डॉ. केसी वर्मा को सूचना दी। कुछ ही देर में डॉ. एंबुलेंस लेकर आश्रम पहुंचे और उन्होंने स्वामी का ईसीजी किया। उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह देते हुए एंबुलेंस में बैठाने लगे। इसी दौरान रात करीब 11:30 बजे एसआईटी की सदस्य आईपीएस भारती सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने मामले की जानकारी डॉक्टरों से ली तो डॉक्टरों ने बताया कि स्वामी की ईसीजी रिपोर्ट ठीक नहीं आ रही है।
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स्वामी चिन्मयानंद
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एंजियोग्राफी के लिए अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। इस पर अधिकारी ने कहा कि वह इस रिपोर्ट को लिखित रूप में देकर एडवाइज के साथ ले जा सकते हैं, लेकिन कहीं इधर-उधर निकले तो इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी। इतना सुनते ही डॉक्टर सकते में आ गए। देर रात सीएमएस डॉ. एमपी गंगवार और सीएमओ डॉ. आरपी रावत आश्रम पहुंचे और वहां का नजारा देख दोनों स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्वामी की मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर की सलाह को सही माना, लेकिन एसआईटी अफसर की बात सुन वह भी बैकफुट पर आ गए।
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स्वामी चिन्मयानंद
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रात करीब तीन बजे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। स्वामी की जिम्मेदारी नहीं लेने पर एसआईटी अफसर भारती सिंह ने अपने सीनियर को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद डॉक्टरों की टीम चली गई, लेकिन आश्रम की घेराबंदी तेज कर दी गई।