सुनंदा पुष्कर ने अपनी मौत से नौ दिन पहले अपने पति शशि थरूर को ई-मेल लिखा था। इसमें सुनंदा ने लिखा था कि उसे अब जीने की इच्छा नहीं है और वह ईश्वर से केवल मौत मांगती है।
2 of 6
sunanda pushkar shashi tharoor
यह तर्क दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष सोमवार को रखा। पेश मामले की सुनवाई के दौरान भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी मौजूद थे। पटियाला हाउस अदालत स्थित एसीएमएम समर विशाल के समक्ष दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि सुनंदा ने ई-मेल व सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में मरने की इच्छा जाहिर की थी।
उसके इन ई-मेल व फेसबुक पोस्ट को मृत्यु पूर्व बयान के रूप में लिया गया है। उसने मरने से पहले एक कविता भी लिखी थी उससे साफ है कि वह काफी उदास थी। अदालत ने पुलिस की दलीलें सुनने के बाद चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिये पांच जून की तारीख तय की है। अदालत अगली तारीख पर तय करेगी कि शशि थरूर को समन जारी किया जाए या नहीं।
4 of 6
sunanda pushkar shashi tharoor
बता दें कि केस की एफआईआर जनवरी 2015 में दर्ज की गई थी लेकिन थरूर को गिरफ्तार नहीं किया गया था। सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मृत पाई गई थीं। मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा शशि थरूर पर पत्नी से क्रूरता व खुदकुशी के लिये उकसाने का आरोप है। केस की सुनवाई के दौरान भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113 ए पर विचार किया जाए।
दिल्ली पुलिस ने कहा एम्स व एफबीआई लैब की विसरा जांच रिपोर्ट के मुताबिक सुनंदा की मौत जहर से हुई थी। उसके कमरे से एलप्रेक्स की 27 गोलियां मिली थीं लेकिन उसने कितनी गोलियां खाई थी इसकी जानकारी नहीं है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 14 मई को मामले की करीब चार साल के बाद शशि थरूर के खिलाफ तीन हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। सुनंदा की मौत 2014 में हुई थी लेकिन पुलिस ने इसके एक साल बाद 2015 में हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद खुदकुशी के लिये उकसाने व क्रूरता की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।