आप अकसर रेस्त्रां आदि में किसी न किसी वजह से खाना खाने जाते ही रहते हैं। अगर आपको पता चले कि आपके फेवरिट रेस्त्रां का म्यूजिक आपको मोटा बना सकता है या बीमार कर सकता है तो आप जरूर चौंक जाएंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
अगर आप रेस्त्रां जाकर लो कैलोरी सलाद की जगह चीज से भरा चीज बर्गर ऑर्डर करते हैं तो ये आपके रेस्त्रां के संगीत की गलती हो सकती है। दरअसल एक रिसर्च में बात सामने आई है कि तेज संगीत न सिर्फ शाम में समां बांधता है उसका मूड सेट करता है बल्कि आप क्या ऑर्डर करते हैं उसका भी निर्धारण करता है।
हालांकि अगर वही गीत अगर धीमा बजाया जाए तो लोग ज्यादा पौष्टिक खाना ऑर्डर करेंगे। संगीत का तेज या धीमा होना हमारे एक्साइटमेंट लेवल को भी तय करता है। तेज म्यूजिक बीट दिल की धड़कनों को बढ़ाती है जबकि धीमा संगीत दिल को आराम पहुंचाता है।
फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के डॉक्टर दीपायन बिस्वास ने संगीत के वॉल्यूम का इंसानों पर पड़ने वाला प्रभाव स्टडी किया है। उनका कहना है कि संगीत की गति का सीधा रिश्ता दिल की धड़कनों पर होता है।
डॉक्टर बिस्वास का दावा है कि तेज म्यूजिक इंसान में स्ट्रेस भी बढ़ाता है। सॉफ्ट म्यूजिक इंसान को शांत रखता है। उनका मानना है कि इस रिसर्च की मदद से लोगों की खाना ऑर्डर करने की आदत को मैनिपुलेट करने में मदद मिल सकती है। डॉ. बिस्वास का रिसर्च पेपर 'जर्नल ऑफ द अकेडमी ऑफ मार्केटिंग साइंस' में छपा है।