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सोनिया से बनी सुदीक्षा, ‘उभरती’ से उठाया उबारने का बीड़ा, पर अधूरा रह गया ये सपना

Tue, 11 Aug 2020 09:53 PM IST
Vikas Kumar जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 11 Aug 2020 09:53 PM IST
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सुदीक्षा भाटी - फोटो : अमर उजाला

सुदीक्षा भाटी अपने गांव के लिए ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक मिसाल थी। बचपन का नाम सोनिया था, लेकिन उसने कक्षा तीन में खुद बदलकर नाम सुदीक्षा रखा और इस नाम के अर्थ को चरितार्थ करना शुरू कर दिया। सामान्य घर में जन्म लेने के बावजूद योग्यता के बल पर उसने न केवल क्षेत्र का नाम रोशन किया था, वह देश की लड़कियों को अपनी तरह शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना चाहती थी। इस सपने को पूरा करने के लिए उसने ‘उभरती’ प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसके अंतर्गत वह सामान्य और निर्धन परिवार की लड़कियों को शिक्षित करने का बीड़ा उठा रही थी।

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बेटी के गम में रोती मां - फोटो : अमर उजाला

परिजनों ने बताया कि वह भविष्य और योजनाओं को लेकर मामा सुमित से अक्सर चर्चा करती थी। सुमित ने बताया कि सुदीक्षा का बचपन का नाम सोनिया था। उसने कहा था कि ये नाम उसके व्यक्तित्व से मेल नहीं खाता। तब उन्होंने उसे सुदीक्षा नाम रखने की सलाह दी। सुदीक्षा ने स्वयं गांव के प्राइमरी स्कूल में अपना बदलकर सुदीक्षा करा दिया। जब एक बार शिक्षिका उसके घर आईं तो सुदीक्षा कहकर पुकारा तब जाकर परिजनों को इसकी जानकारी हुई। 

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बच्चियों को पढ़ाती थी सुदीक्षा - फोटो : अमर उजाला

सुमित ने बताया कि सुदीक्षा अमेरिका में बीबीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। बीबीए करने के बाद वह ऑक्सफोर्ड विवि से एमबीए करना चाहती थी। बॉबसन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसने सहपाठी और शिक्षिकाओं को बताया था कि वह एक सामान्य परिवार से है और भारत में इस तरह की लाखों लड़कियां हैं। जिनकी प्रतिभाएं छिपी रह जाती हैं, उन्हें निखरने का मौका नहीं मिलता। इसके बाद उन्होंने मिलकर ‘उभरती’ नाम से एक प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसके अंतर्गत वह अपने जैसी लड़कियों को शिक्षित करना चाहती थी। 

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सुदीक्षा भाटी - फोटो : अमर उजाला

अमेरिका से गांव लौटने पर उसने पंचायत घर की सफाई आदि कराकर लड़कियों को पढ़ाना भी शुरू कर दिया था। सुदीक्षा इस प्रोजेक्ट को एनजीओ का रूप देना चाहती थी। इसे चलाने के साथ वह यूपीएससी की तैयारी कर आईएफएस अफसर बनकर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती थी।  

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sudeeksha bhati - फोटो : अमर उजाला

‘लंबाई बढ़ जाए तो मिस वर्ल्ड बन सकती हूं’
मामा सुमित ने बताया कि अमेरिका में जाकर सुदीक्षा को फिटनेस का भी जुनून चढ़ गया था। वह एक्सरसाइज आदि करने लगी थी। उनसे कहा था कि मामा अगर थोड़ी लंबाई बढ़ जाए तो मिस वर्ल्ड भी बन सकती हूं। हादसे के लगभग बीस मिनट पहले ही उन्होंने सुदीक्षा के मोबाइल पर कॉल की थी, तब उसने कहा था कि वह घर पहुंचने वाली है। उस दौरान सुमित यूपीएससी की तैयारी के कारण मुखर्जी नगर दिल्ली में थे। अमेरिका में पढ़ने के बावजूद वह घर आकर बिल्कुल गांव के माहौल में ही ढल जाती थी और गांव जैसी ही बोली बोलती थी।   

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