21 जून को सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह इस वर्ष का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा। 21 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण रिंग ऑफ फॉयर की तरह लगेगा। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि इस ग्रहण का घातक असर देखने को मिलेगा। जानिए कैसे घातक असर इस सूर्य ग्रहण के बाद देखने को मिल सकते हैं और उनसे कैसे बचाव किया जा सकता है, ज्योतिषियों की राय पढ़ें...
Solar Eclipse 2020: 21 जून को लगेगा साल का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, दिन में होगी रात, इस राशि वालों को करनी होगी विशेष पूजा
अर्थव्यवस्था में गिरावट, मृत्युदर में वृद्धि सहित तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि रविवार को ग्रहण होने की वजह चूड़ामणी योग भी बन रहा है।
सूर्य ग्रहण के अवसर पर कराएं सामूहिक महामृत्युंजय मंत्रों का जाप - महामृत्युंजय मंदिर , वाराणसी
ज्योतिषाचार्य और कथा व्यास रामभद्र मिश्र ने बताया कि ग्रहण 21 जून को सुबह 10.20 बजे से लेकर दोपहर 2.30 बजे तक रहेगा। इसका सूतक 20 जून शनिवार को रात्रि 10.42 से लग जाएगा। ग्रहण काल के दौरान पूजन, खाना,पानी, सोना आदि निषेध होगा। रोगी, बुजुर्ग और बच्चों के लिए यह नियम नहीं होगा। इस दौरान ईश्वर की आराधना करें।
12 घंटे पहले लग जाएगा सूतक
सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है। इसलिए सूर्य ग्रहण का सूतक शनिवार 20 जून को रात्रि 10.20 बजे से लग जाएगा। जो ग्रहण काल के समाप्त होने पर समाप्त होगा। इस दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और ग्रहण की समाप्ति के बाद खुलेंगे। दूधेश्वर नाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि ने बताया कि दोपहर तीन बजे के बाद मंदिर की साफ-सफाई के बाद भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खुलेंगे।
इन राशियों पर होगा असर
पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि यह ग्रहण मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र पर है इसलिए इस राशि के जातक को विशेष ध्यान रखना होगा। इस राशि वाले जातक ग्रहण ना देखें और गणपति की पूजा करें तो अच्छा होगा। इसके अलावा महामृत्युंज मंत्र का जाप करें तो और अच्छा रहेगा।