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दुनिया में सिर्फ छह लोगों को हुई है ये बीमारी, पिछले दस साल से नहीं ले पाया ठीक से सांस
Sat, 28 Jan 2017 10:29 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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Updated Sat, 28 Jan 2017 10:29 AM IST
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संसार का ये छठवां बच्चा है जो इस तरह की बीमारी से जूझ रहा है। सालों से वो आराम से सांस तक नहीं ले पा रहा था। हालांकि ऑपरेशन के बाद उसने पहली बार चैन की सांस ली।
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नाक में इस तरह की बीमारी से जूझने वाला 17 साल का ये युवा दुनिया का छठवां ऐसा मरीज है जो नाक की इस तरह की बीमारी से जूझ रहा है। दुख की बात ये है कि पिछले दस साल से ये बच्चा न तो ठीक से सांस ले पा रहा है, न खा पा रहा है, न ही ठीक से बोल पा रहा है।
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बीमारी के साथ जब परेशानी बर्दाश्त से बाहर हो गई तो उसने डॉक्टरों से मदद मांगी। देश भर के डॉक्टरों के चक्कर लगाने के बाद उसे पता चला कि वो एक अनोखी बीमारी से जूझ रहा है जो इससे पहले दुनिया में केवल पांच लोगों को ही हुई है। तीन घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उसके नाक में से 750 ग्राम का ट्यूमर निकाला जो खून के थक्कों के जमने से बना था। दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर जेसी पसे ने बताया कि यह अपने आप में अनोखा मामला है।
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डॉक्टर ने बताया कि उसके नाक के पास सिर के आकार का एक ट्यूमर बन रहा था जो जिसका वजन 750 ग्राम था। इस युवा का ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था क्योंकि ये ट्यूमर खून की कोशिकाओं से बना था जिसे भारी मात्रा में रक्तस्राव का खतरा था।
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खतरा इसलिए और भी बढ़ गया था क्योंकि ट्यूमर की ये कोशिकाएं उसके नाक से लेकर गले, आंख, गाल और आंख तक फैली थीं। ऑपरेशन के दौरान इन अंगों को भी नुकसान होने का खतरा था। डॉक्टरों का कहना है कि उसे इलाज मिलने में दस साल लग गए क्योंकि वह ग्रामीण इलाके में रह रहा था। हालांकि ऑपरेशन के बाद वो वापस उत्तर प्रदेश के कौशांबी स्थित अपने घर जा चुका है जहां वो एक सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रहा है।
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