Delhi Master Plan 2047: 40 लाख नए मकान बनेंगे, 200 वर्ग किमी के नए शहर का होगा विकास, जानें क्या है योजना
केंद्र सरकार ने दिल्ली मास्टर प्लान-2047 की अधिसूचना बृहस्पतिवार को जारी की। इसमें अगले 20 वर्षों में 40 लाख नए मकान बनेंगे। 200 वर्ग किलोमीटर के नए शहर का विकास होगा। अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण भी होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने अगले 20 वर्षों के दिल्ली के विकास की राह तय कर दी है। इसमें बढ़ती आबादी की जरूरत के लिए 40 लाख नए मकान बनेंगे। वहीं, 200 वर्ग किमी के नए शहर का विकास होगा। बदलाव की बयार अनधिकृत कॉलोनियों से लेकर झुग्गियों तक बहेगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली मास्टर प्लान-2047 की अधिसूचना बृहस्पतिवार को जारी कर दी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति को शामिल करने की बात की। मौजूदा आवासीय क्षेत्रों के नियोजित पुनर्विकास के लिए इन-सिटू पुनर्विकास नीति का ढांचा तैयार किया जाएगा।
वहीं, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने योजना में आसमान की तरफ होने वाले विकास, टीओडी और गुणवत्तापूर्ण आवास पर जोर दिया। इससे दिल्ली में ईज ऑफ लिविंग बेहतर होगी। जबकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे विकसित दिल्ली के निर्माण का व्यापक रोडमैप बताया। अधिक फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के प्रावधान से पुनर्विकास के नए रास्ते खुलेंगे। यह योजना जहां झुग्गी, वहां मकान की सोच को भी मजबूत करेगी।
आवास और शहरी विस्तार के प्रमुख लक्ष्य
मास्टर प्लान 2047 का लक्ष्य मौजूदा व नए क्षेत्रों के विस्तार से 40 लाख से अधिक नए घर उपलब्ध कराना है। ग्रुप हाउसिंग के पुनर्विकास के लिए न्यूनतम क्षेत्र की आवश्यकता 40,000 वर्ग मीटर से घटाकर 3,000 वर्ग मीटर की गई है। इससे करीब 7 लाख अतिरिक्त आवासीय इकाइयां बनेंगी। टीओडी जोन में 18 लाख किफायती घर और झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में 17 लाख से अधिक झुग्गीवासियों को सम्मानजनक आवास मिलेंगे। लैंड पूलिंग नीति के तहत 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नियोजित शहरी विस्तार होगा, जिससे 12 लाख नए घर और 600 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित करने का लक्ष्य है।
विरासत, कनेक्टिविटी और सामाजिक विकास
योजना में 1,500 विरासत स्थलों का संरक्षण और यमुना के बाढ़ क्षेत्र के 1,700 हेक्टेयर का पारिस्थितिक पुनर्स्थापन शामिल है। नरेला को शिक्षा केंद्र और द्वारका को अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार व निवेश केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। एकीकृत परिवहन प्रणाली के लिए यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बनाई जाएगी, जिससे कनेक्टिविटी मजबूत होगी। 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण होगा, जिससे 45 लाख लोगों को संपत्ति के मालिकाना हक की सुरक्षा मिलेगी।