यूपी इलेक्शन के ठीक पहले कांग्रेस के लिए यहीं से एक बुरी खबर आई है। राहुल गांधी के बेहद करीबी रह चुके और गाढ़े समय में उनका साथ देने वाले एक युवा नेता ने उनका साथ छोड़ दिया है।
मई 2011 में भट्टा पारसौल किसानों के उग्र आंदोलन के चलते पूरे देश में चर्चा में था। उसी दौरान राहुल गांधी ने उस इलाके का दौरा किया जबकि प्रशासन ने नेताओं के यहां आने पर रोक लगा रखी थी। राहुल गांधी के साहसिक कदम से प्रभावित्कर एक युवा ने राहुल गांधी का साथ देने का फैसला किया और उस बाइक की हैंडल संभाली जिसपर सवार होकर खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष भट्टा पारसौल पहुंचे थे।
अब जबकि यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है ऐसे समय में पार्टी के इस प्रतिबद्ध युवा नेता ने कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया है।
गौतमबुद्ध नगर के रबुपुरा के युवा नेता धीरेंद्र सिंह राहुल गांधी से भले ही प्रभावित हैं लेकिन वो उनके आस-पास रहने वाले चापलूसों और किसानों के प्रति की संवेदनहीनता से बेहद दुखी हैं।
यूपी चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए मुख्य रणनीतिकार और उनकी टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि दिल्ली से इतना नजदीक रहने के बावजूद कांग्रेस प्रदेश के किसानों की समस्या की अनदेखी कर रही है।