सड़कों पर उतरे सिखों ने जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह के पुतलों को पेड़ से बांध कर फांसी देकर जलाया और अपनी मांग रखी..
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sikh protest
- फोटो : अमर उजाला
नवंबर 1984 सिख कत्लेआम के मामले में कथित रूप से जिम्मेदार कांग्रेसी नेता जगदीश टाईटलर और सज्जन कुमार को पार्टी से निकालने की मांग को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कांग्रेस मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने उपवास में जानबूझकर इन दोनों के साथ मंच सांझा किया था।
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प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी से इस मुद्दे पर माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस मुख्यालय के समक्ष शिरोमणी अकाली दल दिल्ली प्रदेश व दिल्ली कमेटी सहित कई सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रोष मार्च के दौरान कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तीया पकड़ी हुई थी, जिसमें कांग्रेस द्वारा दंगो के कातिलों को बचाने संबंधी नारे लिखे हुए थे।
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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके तथा महासचिव मनजिन्दर सिंह सिरसा ने गांधी परिवार पर सिखों के कथित कातिलों को बचाने का आरोप लगाया। जीके ने कहा कि 1984 सिख कत्लेआम को जिस प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है, कहकर जायज ठहराया था, उसी तर्ज पर राहुल गांधी ने टाईटलर और सज्जन को अपने साथ बिठाकर सियासी संरक्षण देने का प्रयास किया है।
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जीके ने राहुल गांधी को दलितों और अल्पसंख्यकों के नाम पर राजनीति बंद करने की सलाह देते हुए दोनों आरोपी नेताओं को पार्टी से बाहर करने की मांग की। अकाली नेताओं ने टाईटलर तथा सज्जन कुमार के पुतलों को पेड़ पर लटका कर सांकेतिक फांसी देने के बाद आग के हवाले कर दिया।