गाजियाबाद के इंदिरापुरम के ज्ञानखंड में रविवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसे सुनकर हर कोई हैरान होने के साथ ही दहल भी गया है। लोग ये सोचने को मजबूर हो गए हैं कि आखिर एक पढ़े-लिखे पेशे से इंजीनियर शख्स ने कैसे अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया वो भी इतनी बेरहमी से। हमारी इस स्टोरी में पढ़ें वही वजह और कैसे दिया गया पूरे वारदात को अंजाम...
2 of 6
इंजीनियर का घर
- फोटो : अमर उजाला
इंदिरापुरम के ज्ञानखंड चार के फ्लैट संख्या एसएफ 175बी में रहने वाले सुमित ने पत्नी और तीनों बच्चों को पहले नशीली गोलियां कोल्डड्रिंक में मिलाकर पिलाईं। इसके बाद देर रात उनकी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर तड़के तीन बजे घर से भाग गया। इसके बाद एक दो मिनट 40 सेकेंड की एक वीडियो बनाते हुए कहा कि मैं परिवार पालने के योग्य नहीं, इसलिए सभी की हत्या कर दी है। यह मेरा आखिरी वीडियो है। आत्महत्या करने जा रहा है। शव जाकर उठा लो। मूलरूप से छपरा निवासी मृतका अंशूबाला (32) के भाई पंकज ने बताया कि उनकी बहन की शादी 2011 में जमशेदपुर निवासी सुमित कुमार से हुई थी। सुमित ने उड़ीसा के रायगढ़ के एमआईईटी कॉलेज से बीटेक किया था। वह नोएडा, गुड़गांव और इसके बाद बंगलूरू की एक कंपनी में टेक्निकल डिपार्टमेंट में काम करता था। दिसंबर 2018 में जहां से रिजाइन कर दिया था।
3 of 6
बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
मार्च में परिजनों को इसकी जानकारी हुई थी। सुमित ने करीब ढाई साल से उनका परिवार ज्ञानखंड चार में किराए पर रह रहा था। उन्होंने बताया कि वीडियो में सुमित ने कहा कि वह परिवार पालने के लायक नहीं है। इसके लिए उसने कोल्डड्रिंक में नशीली गोलियां मिलाकर सभी को पिला दिया। इसके बाद बड़े चाकू से पत्नी अंशूबाला, प्रथिमेष, आकृति और आरव की गला रेतकर हत्या कर दी। एक दुकानदार है, जिसने उसे ठग लिया। उसका एक लाख रुपये कर्ज हो गया है। वह इसका आखिरी वीडियो है। वह दुकान से पोटेशियम सल्फाइड खरीदकर लाया है। वह भी आत्महत्या करने जा रहा है। जाओ जाकर शव बरामद कर लो। पूरा वीडियो क्लोजअप से बनाया गया था। जिससे पीछे का बैकग्राउंड नहीं दिख सका, जिससे जगह का पता चले। इसके बाद पुलिस ने वीडियो को कब्जे में लेकर उनके मोबाइल से डीलिट करा दिया।
4 of 6
वारदात के बाद बिल्डिंग के बाहर इकट्ठा लोग
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी की बड़ी बहन ने दी थी सबसे पहले जानकारी
पंकज ने बताया कि रविवार शाम करीब साढे़ छह बजे सुमित की बड़ी बहन गुड्डी ने उन्हें फोन कर जानकारी दी कि कोई घटना हुई है, जाकर घर पर देखो। वह अंशूबाला के घर पहुंचे तो बाहर से मेनगेट बंद मिला। काफी प्रयास के बाद उन्होंने गेट नहीं खोलने पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो गेट तोड़ा तो पूरी जानकारी हुई।
5 of 6
पत्नी जिसकी की गई हत्या
- फोटो : अमर उजाला
शव देखकर फफक पड़े बच्चों के मामा
पंकज ने बताया कि उनके पिता वैद्यनाथ सिंह और मां भी बहन के साथ ही रहती हैं। वह फौज से रिटायर्ड हैं। वह इंदिरापुरम की एक सिक्योरिटी कंपनी में सुपरवाइजर हैं। एक सप्ताह पूर्व ही छपरा में बुआ की बेटी की शादी में शिरकत करने वह घर गए थे। गेट तोड़ने के बाद हॉल में भांजे प्रथिमेश का और अंदर बेडरूम में बहन अंशूबाला और आकृति व आरव का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। गले पर कई वार किए हुए थे। वह देखते ही फफक पर रो पड़े। उनकी स्थिति काफी खराब हो गई। आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला।