बहुचर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला श्रद्धा से पीछा छुड़ाना चाहता था। वह अपने तरीके से मौजमस्ती वाली जिंदगी जीना चाहता था। मृतका उसकी मौजमस्ती की जिंदगी में बाधा बन रही थी। ऐसे में वह श्रद्धा से किसी भी कीमत पर पीछा छुड़ाना चाहता था। श्रद्धा उससे आए दिन झगड़ा करती थी और वह उससे तंग आ गया था। आरोपी आफताब हमेशा डेटिंग एप पर बिजी रहता था। एप पर मिलने वाली लड़कियों से वह हर समय बात करता रहता था। इस बात को लेकर श्रद्धा उस पर संदेह करती थी।
Shraddha Murder Case: श्रद्धा चाहती थी कि आफताब छोड़ दे ये सब, फिर दरिंदे ने उसे रास्ते से हटाकर किया वही
अन्य लड़कियों से संबंध को लेकर आफताब से होता था झगड़ा
श्रद्धा को लगता था कि आफताब के अन्य लड़कियों से संबंध हैं। आरोपी की डेटिंग एप पर 20 से ज्यादा महिला दोस्ती थीं। इस बात पर इनमें आए दिन झगड़ा होता था। श्रद्धा चाहती थी कि वह डेटिंग एप का इस्तेमाल करना छोड़ दे, मगर आरोपी ऐसा कर नहीं रहा था।
वारदात वाले दिन इनमें इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इस दिन झगड़ा ज्यादा बढ़ गया था और आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी। श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसने शव बाथरूम में रख दिया था। इसके बाद वह महरौली मार्केट गया और सिर्फ आरी खरीदकर ले गया था। घर आकर उसे लगा कि आरी से शव नहीं कटेगा तो वह अगले दिन महरौली मार्केट फिर गया और चापड़ व तीन ब्लेड़ लेकर आया। ये लाते हुए वह घायल हो गया था।
हत्या के बाद बनाई एक और महिला दोस्त
पुलिस अधिकारियों के अनुसार श्रद्धा के शव के टुकड़े जंगल में फेंकने के बाद उसने डेटिंग एप पर महिला दोस्त बनाना शुरू कर दिया था। दिल्ली में उसकी जो महिला दोस्त है वह श्रद्धा की हत्या के बाद बनी थी। वह उस समय भी आफताब के घर आती थी, जब वह श्रद्धा के शव को ठिकाने लगाने में जुटा हुआ था और शव के टुकड़ों को फ्रिज से निकालकर रोजाना जंगल में फेंक रहा था।
अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार श्रद्धा हत्याकांड में गहनता से जांच की जा रही है। हर काम के लिए अलग-अलग टीमें बना दी गई हैं। हर टीम को जांच के लिए अलग काम छोड़ा गया है। दक्षिण जिला डीसीपी चंदन चौधरी व एडिशनल डीसीपी अंकित चौहान नजर बनाए हुए हैं।