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एक थी श्रद्धा: हिंदू-मुस्लिम दरकिनार कर छोड़ा घर, जिस आफताब पर भरोसा जताया, उसने ही डुबो दिया 'जिंदगी का सूरज'
Tue, 15 Nov 2022 07:45 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Nov 2022 07:45 AM IST
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Shraddha walker murder case
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण दिल्ली के महरौली में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। युवक आफताब अमीन पूनावाला(28) ने सहमति संबंधों में रह रही युवती श्रृद्धा वाकर(26) की हत्या कर उसके शव के करीब 35 टुकड़े कर दिए। उसने शव के टुकड़े घर के बाथरूम में किए और टुकड़ों को धोकर पॉलिथीन में पैक कर फ्रीज में रख दिया। वह पिट्टू बैग में शव एक टुकड़े को रखता था और जंगल में फेंक कर आता। इस तरह वह करीब 22 दिन शव के टुकड़ों को फेंकता रहा। वह 22 दिनों तक शव के साथ घर में रहा। वह हर रात दो बजे टुकड़ों को महरौली के जंगलों में फेंकने जाता था। महरौली पुलिस ने करीब छह महीने बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर मामला का सनसनीखेज खुलासा किया।
मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई की मूलनिवासी श्रद्धा वालकर कोरोना काल में मां की मृत्यु के बाद 15 दिन के लिए अपने घर आई थी। उसके बाद फिर वह मुंबई नहीं लौटी। दिल्ली जाने से पहले वह माता-पिता के विरोध के बावजूद आफताब अमीन पूनावाला के साथ लिव इन पार्टनरशिप में रहने चली गई थी।
मृतका श्रद्धा वाकर और हत्यारोपी आफताब
- फोटो : अमर उजाला
पहले दोनो वसई के करीब नायगांव में रह रहे थे। उसके बाद दिल्ली चले गए। श्रद्धा का बचपन वसई के संस्कृति अपार्टमेंट में बीता। साल 2019 में वह मलाड स्थित एक कॉल सेंटर में काम करती थी। यहीं पर आफताब पुनावाला से उसके प्रेम संबंध बने।
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मृतका श्रद्धा और पुलिस हिरासत में हत्यारोपी आफताब
- फोटो : अमर उजाला
साल 2020 में कोरोना महामारी में श्रद्धा की मां की मौत हो गई। उसके बाद श्रद्धा यहां आई थी। तब श्रद्धा के पिता ने उससे आफताब का साथ छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह यह कहकर दिल्ली चली गई कि उसे उत्तर भारत घूमने जाना है।
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मृतका श्रद्धा
- फोटो : सोशल मीडिया
श्रद्धा ने बात नहीं मानी थी। इसलिए पिता ने कई महीनों तक उससे बात नहीं की। श्रद्धा के पिता ने पुलिस को बताया है कि शुरुआत में पत्नी ने उन्हें श्रद्धा के आफताब के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने जाने की बात बताई थी। पत्नी ने बहुत समझाया। कहा कि, हम हिंदू और लड़का मुसलमान है। फिर भी वह नहीं मानी।