श्रद्धा हत्याकांड में दिल्ली के एक डॉक्टर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक अपने लिव-इन पार्टनर की हत्या करने और शव को टुकड़ों में काटकर जंगल में फेंकने का आरोपी आफताब मई महीने में उनके पास एक घाव का इलाज कराने गया था, जिस महीने में श्रद्धा की हत्या की गई थी। डॉ. अनिल के मुताबिक आफताब जब इलाज के लिए उनके पास आया था तो वह बहुत आक्रामक और बेचैन था और जब उन्होंने उससे चोट के बारे में पूछा तो कहा कि फल काटते समय उसे चोट लगी है। वह उनसे अंग्रेजी में बात कर रहा था। उसने उन्हें यह भी बताया था कि वह मुंबई से दिल्ली आया है क्योंकि यहां आईटी क्षेत्र में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
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आरोपी आफताब
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस पूछताछ के सिलसिले में दो दिन पहले आफताब को लेकर डॉ. अनिल कुमार के पास गई थी और उनसे इलाज के बारे में पूछा था। डॉ. कुमार के मुताबिक उसके इलाज के बारे में पूछे गए सवाल का उन्होंने हां में उत्तर दिया और सामने आते ही उन्होंने आफताब को पहचान लिया।
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आरोपी आफताब और मृतका श्रद्धा
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने बताया कि आफताब मई महीने में एक दिन सुबह के समय उनके पास आया था। उन्हें उनके सहायक ने बताया कि एक व्यक्ति चोट के उपचार के लिए आया है। उन्होंने जब उसकी चोट देखी थी तो पाया कि उसे गहरी नहीं बल्कि सतही चोट थी।
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हत्यारोपी आफताब और मृतका श्रद्धा (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि दक्षिण दिल्ली के महरौली से सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात में आफताब अमीन पूनावाला (28) ने लिव-इन रिलेशन में रह रही युवती श्रृद्धा वाकर (26) की हत्या कर उसके शव के करीब 35 टुकड़े कर दिए। महरौली पुलिस ने आरोपी आफताब को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है, ताकि श्रद्धा वाकर के शव के टुकड़ों को ढूंढा जा सके और पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस को सोमवार शाम तक शव के 35 टुकड़ों में से करीब 13 मिल गए हैं।
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मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब
- फोटो : अमर उजाला
सभी टुकड़े हड्डियों में रूप में मिल रहे हैं। आरोपी ने बताया कि उसने 18 मई को श्रद्धा की गला दबाकर हत्या की थी। उसके बाद शव के टुकड़े घर के बाथरूम में किए और टुकड़ों को धोकर पॉलिथीन में पैक कर फ्रीज में रख दिया। इसके बाद पिट्टू बैग में शव के एक टुकड़े को रखता था और जंगल में फेंक कर आता। इस तरह वह करीब 22 दिन शव के टुकड़ों को फेंकता रहा। वह 22 दिनों तक शव के साथ घर में रहा।