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किंग शाहरुख खान की जीवन की पहली कमाई और पंकज उधास के बीच ऐसा है कनेक्शन...

Fri, 31 Aug 2018 01:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 31 Aug 2018 01:19 PM IST
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shahrukh khan earned his first 50 rupees in pankaj udhas concert as usher
pankaj udhas and shahrukh
क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख की पहली कमाई और पंकज उधास का क्या रिश्ता है। ये बात कई साल पुरानी है जब शाहरुख दिल्ली में ही रहते थे। इस वाकये का खुलासा खुद शाहरुख ने एक ट्वीट के जरिए किया है। उन्होंने ये भी बताया कि उन्होंने इस पैसे से क्या किया था।
shahrukh khan earned his first 50 rupees in pankaj udhas concert as usher
pankaj udhas - फोटो : twitter
शाहरुख ने अपने ट्वीट में बताया है कि उनकी पहली कमाई 50 रुपए की थी और वो उन्होंने पंकज उधास के ही एक कॉन्सर्ट में कमाए थे। दरअसल सालों पहले पंकज उधास का एक कॉन्सर्ट दिल्ली में हुआ था जिसमें शाहरुख ने वॉलेंटियर का काम किया था।
shahrukh khan earned his first 50 rupees in pankaj udhas concert as usher
pankaj udhas
इस काम से उन्हें 50 रुपए की कमाई हुई थी जो उनके जिंदगी की पहली कमाई थी। शाहरुख ने बताया कि अपनी पहली कमाई के बाद वो इतने खुश थे कि उन्होंने ट्रेन पकड़ी और उसी पैसे से ताजमहल देखने गए। 
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shahrukh khan earned his first 50 rupees in pankaj udhas concert as usher
गजल गायक पंकज उधास
बता दें कि शाहरुख को अपना पहला बड़ा ब्रेक 1988 में टेलीविजन के फौजी सीरियल के रूप में मिला था। इसमें उन्होंने कमांडो अभिमन्यु राय की भूमिका निभाई थी। उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म दीवाना थी जो 1992 में आई थी।
 
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pankaj udhas

हिंदुस्तानी ग़ज़ल गायिकी में दो चमकदार सितारे हुए। जगजीत सिंह और पंकज उधास। दोनों ने ही ग़ज़लों गायिकी की दुनिया को एक नया मुहावरा और तरन्नुम दिया। जगजीत सिंह ने ग़ज़लों को रवायती अंदाज़ से बाहर निकाला तो पंकज उधास ने उसे हर ख़ासो-आम में बे-शुमार शोहरत दिलाई। अपनी मधुर आवाज से ग़ज़ल को लोकप्रिय संगीत के दायरे में लाने का श्रेय पंकज उधास को भी ख़ूब जाता है। गुजरात के राजकोट में 17 मई 1951 को जन्में पंकज उधास की कुछ ग़ज़लें तो ऐसी हैं जिन्हें सुनने के साथ ही  मखमली आवाज़ का अक्स जेहन में उभरता है। इनमें चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल, चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है, एक तरह उसका घर एक तरफ मयकदा, निकलो न बेनकाब जमाना खराब है, दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है हम भी पागल हो जाएंगे कुछ ऐसा लगता है आदि शामिल हैं।

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