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भगत सिंह को फांसी होने की खबर मिलते ही जानिए क्या बोले थे महात्मा गांधी?

Fri, 22 Mar 2019 04:40 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: shubham Updated Fri, 22 Mar 2019 04:40 PM IST
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Shaheed Diwas: Mahatma Gandhi statement on hanging of Bhagat Singh
फाइल फोटो
23 मार्च 1931 को भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी दी गई थी। उनकी फांसी पर महात्मा गांधी ने कहा था कि ‘भगत सिंह और उनके साथियों के शहीद होने से लाखों लोग दुखी हैं। मैं उनकी लगन की भूरि-भूरी प्रशंसा करता हूं। मैं देश के नवयुवकों को इस बात की चेतावनी देता हूं कि वे उनके पथ का अवलंबन न करें। हमें भरसक उनके अभूतपूर्व त्याग, अदम्य उत्साह और विकट साहस का अनुकरण करना चाहिए, परंतु उन गुणों का उपयोग उनकी तरह न करना चाहिए। देश की स्वतंत्रता हिंसा और हत्या से प्राप्त न होगी’
Shaheed Diwas: Mahatma Gandhi statement on hanging of Bhagat Singh
अखबार 'भविष्य' - फोटो : अमर उजाला
महात्मा गांधी के यह बयान 1931 में इलाहाबाद से प्रकाशित होने वाले अखबार ‘भविष्य’ में छपा था। अंग्रेज सरकार फांसी की खबरों वाले अखबारों के प्रसार को रोकना चाहती थी। कई अखबारों की हजारों प्रतियां अभियान चलाकर जब्त कर ली गईं, लेकिन अलीगढ़ के श्याम बिहारी लाल ने ‘भविष्य’ अखबार की उस समय की प्रतियां अपने पास रख लीं जो भविष्य में राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास को बयां करने का दस्तावेज बनीं। 
Shaheed Diwas: Mahatma Gandhi statement on hanging of Bhagat Singh
भगत सिंह
श्याम बिहारी लाल गुप्तचर स्वतंत्रता सेनानी थे। 2005 में श्याम बिहारी लाल की मौत के बाद आईटीआई रोड स्थित इंडस्ट्रियल एस्टेट में रहने वाले इनके बेटे निरंजन लाल ने इन्हें बहुत ही हिफाजत से सहेजा। सन् 1931 के इन अखबारों की सुर्खियों से पता चलता है कि जमाने ने भगत सिंह की फांसी की खबर को किस अंदाज में जाना होगा। उस समय की खबरों से पता चलता है कि अंग्रेजी हुकूमत भगत सिंह की फांसी की खबर को दबाना चाहती थी। 
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Shaheed Diwas: Mahatma Gandhi statement on hanging of Bhagat Singh
भगत सिंह
भगत सिंह के आखिरी उद्गार (पंजाब के गवर्नर को लिखा पत्र)
‘अंत में हम केवल यह कहना चाहते हैं कि आपकी अदालत के फैसले के अनुसार, हम पर सम्राट के खिलाफ युद्ध करने का अभियोग लगाया गया है और इस प्रकार हम युद्ध के शाही कैदी हैं। अतएव हमें फांसी पर न लटका कर गोली से उड़ाया जाना चाहिए। 
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Shaheed Diwas: Mahatma Gandhi statement on hanging of Bhagat Singh
भगत सिंह
इसका निर्णय अब आपके ही ऊपर है कि जो कुछ अदालत ने निर्णय किया है उसके अनुसार आप कार्य करेंगे या नहीं। हमारी आपसे विनम्र प्रार्थना है और हमें पूर्ण आशा है कि आप कृपा कर फौजी महकमे को आज्ञा देकर हमारे प्राण दंड के लिए एक फौज या पल्टन के कुछ जवान बुलवा लेंगे’
- सरदार भगत सिंह, मार्च 1931, लाहौर सेंट्रल जेल
 
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