डीपीएस में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी चंडीदास के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके घर पर पूछताछ करने पर पता चला है कि वह पहले अशोक नगर में रेहड़ी पर आइसक्रीम बेचता था। 13 साल पहले एक प्लेसमेंट कंपनी की मार्फत वह डीपीएस में नौकरी करने लगा था। एफआईआर के मुताबिक वह लाइफगार्ड का काम कर रहा था। फिलहाल वह एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी के घर पर रह रहा था। उसके परिचित इस घटना को लेकर हतप्रभ हैं।
चंडीदास कासना कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्रीनवुड सोसायटी के एक घर के सबसे ऊपर कमरे में वह पत्नी और एक बेटे के साथ रह रहा था। उसके घर से एक पहचान पत्र मिला है जिस पर एक प्लेसमेंट कंपनी का नाम लिखा है लेकिन चंडीदास का कोई पद नहीं लिखा गया। ग्रेटर नोएडा आने से पहले वह अशोक नगर दिल्ली में रहता था। वह वहां जिस मकान में रहता था, उसके मकान मालिक उसके घर मौजूद थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि दिल्ली में चंडीदास आइसक्रीम बेचता था। इसके बाद वह एक कंपनी के माध्यम से डीपीएस में नौकरी करने लगा। लगभग 11 साल पहले उसका विवाह हुआ और अब उसके एक बेटा है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि इस घटना में भी कहीं गुरुग्राम के प्रद्युम्मन केस जैसा तो नहीं हुआ।
उस केस में पहले निर्दोष ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया था। चंडीदास की पत्नी को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि उसके पति पर लगे आरोप सच हैं। उसकी पत्नी ने बताया कि वह तीन दिन से सच जानने के लिए डीपीएस जा रही है लेकिन उससे कोई बात करने को तैयार नहीं हो रहा।
पश्चिम बंगाल तक पहुंची दुष्कर्म की खबर
चंडीदास की पत्नी ने बताया कि उसके पति को वर्तमान में 14 हजार रुपये वेतन मिलता है लेकिन मकान मालिक उससे किराया नहीं लेते और स्कूल भी उसके बेटे की फीस नहीं लेता। उसने बताया कि इस घटना की जानकारी उनके घर पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है और वहां से रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं। इसके अलावा सोसायटी के गार्ड व पड़ोसी महिला भी घटना को लेकर हैरान हैं।