आधार कार्ड को लेकर देश के सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता। हालांकि, इसके साथ उच्चतम न्यायालय ने यह बात भी जोड़ी है कि बैंक खाता खोलते समय और आयकर भरने की जानकारी देते समय 12 अंकों वाले इस आधार नंबर को जोड़ने की केंद्र सरकार की योजना को रोका नहीं जा सकता। बता दें कि हाल ही केंद्र सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा योजनाओं का लाभ पाने के लिए आधार कार्ड नंबर होना अनिवार्य कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के मद्देनजर हम आपको बता रहे हैं आधार कार्ड न बनवाने की सात वजहें...
आधार कार्ड बनवाने के लिए आपको कोई नहीं कर सकता मजबूर, ये हैं वो 7 वजहें
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ताज़ा निर्देश में सरकार ने कहा है कि आपके मौजूदा मोबाइल के लिए भी अब आधार की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके लिए एक साल की मोहलत है वर्ना मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसी तरह आयकर भरने के लिए भी अब आधार को अनिवार्य कर दिया गया है।
इससे पहले अनिवार्यता की ये शर्त सिर्फ़ कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ी गई थी पर अब अमीर तबके पर इसका असर पड़ने से ये बहस राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया में जगह बना पाई है।
पहला कारण : हमारी जानकारी, सरकार की कमाई
सरकार चाहती है कि वो आपके बारे में जानकारी जुटाकर हर 'डेटाबेस' में डाल दे। मसलन दिल्ली में बैठे वो ये जान ले कि मेरा मोबाइल कहां-कहां गया, मैंने कहां की रेल टिकट बुक करवाई, कितना पैसा कहां ख़र्च किया। मौजूदा क़ानून में लिखा है कि अगर कोई किसी नागरिक के आधार कार्ड की जानकारी मांगे तो 'बायोमेट्रिक्स' (उंगलियों, अंगूठे और पुतलियों की छाप) के अलावा सरकार बाक़ि जानकारी कंपनियों से पैसा लेकर दे सकती है। 7 तो सरकार हमारी जानकारी जुटा ही नहीं रही, बल्कि उसे बेचकर पैसा कमा रही है। ऐसा नहीं कि सरकार बिना आधार कार्ड के हमारी जानकारी नहीं जुटा सकती थी पर इससे ये आसान हो रहा है और इसे रोकना ज़रूरी है।
अमरीका में नागरिकों को पेंशन की सुविधा के लिए 'सोशल सिक्यूरिटी नंबर' देने की पहल हुई थी और फिर उस नंबर को अन्य सुविधाओं से जोड़ा गया। इस नंबर और आधार नंबर में सबसे बड़ा फ़र्क ये है कि अमरीका में क़ानून ने ये तय किया हुआ है कि उस नंबर को कौन मांग सकता है और उसका क्या उपयोग होगा। आधार कार्ड के बारे में ऐसा कुछ भी निश्चित नहीं है।