चांदनी महल के चूड़ीवाला इलाके में सोमवार तड़के एक जर्जर इमारत की दीवार गिर गई। इसके मलबे के नीचे दबकर बुजुर्ग दंपति की जान चली गई। हादसे के समय बुजुर्ग का बेटा और बेटी भी उसी कमरे में थे, जो बाल बाल बच गए। बुजुर्ग दंपति के शवों का पोस्टमार्टम कर परिवार वालों को सौंप दिया है।
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देखिए, कैसे सुबह साढ़े छह बजे भरभराकर गिरा मकान, ले ली बुजुर्ग दंपति की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 17 Jan 2017 04:13 PM IST
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नई दिल्ली के चांदनी महल स्थित ढहा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
नई दिल्ली के चांदनी महल स्थित ढहा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
परिवार वालों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब पांच बजे उमा पानी भरने के लिए उठी। लेकिन पानी नहीं आने की वजह से वह पति के पास बिस्तर पर लेट गई। साढ़े छह बजे अचानक कमरे की दीवार उनके बिस्तर पर आ गिरी। दंपति मलबे के नीचे दब गए। पड़ोसियों की मदद से मलबा हटाकर दंपति को बाहर निकाला गया। उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए लोकनायक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
उधर, सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन और निगम के कर्मचारी मलबा हटाने के काम में जुट गए। उन्होंने मकान को खाली करवाकर कमरे में बल्ली की मदद से मकान को सपोर्ट दिया। पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उधर, सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन और निगम के कर्मचारी मलबा हटाने के काम में जुट गए। उन्होंने मकान को खाली करवाकर कमरे में बल्ली की मदद से मकान को सपोर्ट दिया। पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कई पी़ढ़ियों से रह रहे थे लोग
नई दिल्ली के चांदनी महल में भरभरा कर गिरा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
जांच में पता चला कि मकान करीब डेढ़ सौ साल पुराना है। यहां गुप्ता परिवार की कई पीढ़ियां रह चुकी हैं। मकान में समय-समय पर निर्माण कार्य किया गया और इसे ढाई मंजिला बना दिया गया। लेकिन, मकान की नींव डेढ़ सौ साल पुरानी ही थी। राकेश के भाई सुनील ने बताया कि जर्जर मकान को लेकर निगम की ओर से उन्हें कभी भी नोटिस जारी नहीं किया गया था।
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मौके से सामान हटाता पीड़ित परिवार को सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
मृतक राकेश के भाई सुनील ने भाई व भाभी की मौत के लिए निगम को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पहले दो मकानों के बीच जगह छोड़ी जाती थी। लेकिन उस जगह पर मलबा और पानी का जमाव होने की वजह से दीवार कमजोर हो गई थी। निगम को इस बाबत शिकायत भी की थी, लेकिन निगम में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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नई दिल्ली के चांदनी महल में गिरा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
सुनील गुप्ता ने बताया कि राकेश बेटी की शादी के लिए सारी तैयारी कर ली थी। वह बेटी के लिए अच्छा वर तलाश रहे थे। लेकिन हादसे ने पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।