सावन मास शुरू हो चुका है। आज सावन का पहला सोमवार है। शिव भक्तों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। दरअसल, सोमवार भगवान शिव का दिन माना जाता है। ऐसे में भोले को मनाने के लिए भक्त पूरा जोर लगा देते हैं। आज के दिन पूरे देश में सभी प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक आदि की तैयारियां की गई हैं। भक्तों द्वारा व्रत, अनुष्ठान किए जाएंगे।
इस बार सावन की शुरुआत के साथ ही सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश भी हुआ है। 19 साल बाद सूर्य संक्रांति के साथ सावन की शुरुआत हुई है। धार्मिक विद्वानों द्वारा इसे एक शुभ संकेत माना जा रहा है। इस बार सावन का हर सोमवार खास है। क्योंकि यह एक विशेष संयोग लेकर आया है। चार में से दो सोमवार में प्रदोष पड़ने से इनका महत्व और बढ़ गया है।
क्या हैं विशेष संयोग
पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार, इस बार सावन में कुल चार सोमवार आ रहे हैं। जो 22 जुलाई, 29 जुलाई, 5 अगस्त और 12 अगस्त को हैं। 22 जुलाई को सावन के सोमवार के साथ मरुस्थली नाग पंचमी भी है। इस बार सावन के पहले सोमवार को 59 साल बाद श्रावणी नक्षत्र लग रहा है। इसके अलावा पहले सोमवार को मरूस्थलीय नागपंचमी भी 155 साल बाद पड़ रही है।
यह एक तरह का संयोग है कि इस दिन श्रवण नक्षत्र और सर्वार्त सिद्ध योग भी पड़ रहा है। इस बार सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को है। जिन लोगों की कुंडली में पितृदोष या कालसर्प योग है, उन्हें इस पूजन से शांति मिलेगी। इसके अलावा जिनकी कुंडली में राहुल दोष है वह इस सोमवार विशेष पूजा करें तो फल मिलेगा।
पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया राहु दोष और पितृदोष निवारण के लिए विशेष पूजन करें तो पुण्य मिलेगा और यह शांति होगी। मरुस्थलीय नागपंचमी के कारण इस दिन रुद्राभिषेक करने से नागदेव प्रसन्न रहते हैं और संतान सुख में बाधा नहीं आती है।
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
29 जुलाई को सोम प्रदोष और स्वार्थ सिद्धि एवं अमृत सिद्धि योग बन रहा है। 5 अगस्त को देशाचारी नागपंचमी है। जबकि 12 अगस्त को सोम प्रदोष का योग है। 28 जुलाई को कामदा एकादशी है और 30 जुलाई को महाशिवरात्रि का पर्व है।