मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व मंत्री सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोपों की बौछार करने वाले दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा दिवंगत आप कार्यकर्ता संतोष कोली की मां के साथ शुक्रवार सुबह गाजे-बाजे के साथ मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। कपिल की कोशिश जनता दरबार में जाकर भ्रष्टाचार व संतोषी कोली की मौत से जुड़े सवाल करने की थी, लेकिन पुलिस ने आवास से थोड़ा पहले ही बेरिकेड लगाकर रोक दिया। कपिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए और समर्थकों संग भजन गाने लगे।
ढोल-नगाड़े व मंजीरे के साथ कपिल मिश्रा ने अपने समर्थकों संग उठ जाग मुसाफिर भोर भई, जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत है वो पावत है गीत गाया। वहीं, रघुपति राघव राजा राम के भजन का तर्जुमा बदलकर केजरीवाल पर निशाना साधा। इसके अलावा केजरीवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
काफी मशक्कत के बाद भी पुलिस ने कपिल को तीन लोगों के साथ अंदर जाने की इजाजत दी लेकिन कपिल सभी लोगों के साथ अंदर जाने पर अड़े रहे। करीब एक घंटे तक कपिल ने अपने समर्थकों के साथ केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की और वापस लौट गए। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि जल्द ही वह बड़ी संख्या में दिल्लीवासियों के साथ दोबारा मुख्यमंत्री आवास पर लौटेंगे। मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि वह सिर्फ 15-20 लोगों के साथ आए थे। लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया।
कपिल मिश्रा ने सवाल किया कि ऐसे जनता दरबार का क्या फायदा, जहां जनता को आने की अनुमति नहीं है। कपिल मिश्रा ने कहा कि वह केजरीवाल और जैन के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा के लिए राम लीला मैदान में दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करने आए थे, लेकिन पुलिस ने रोक लिया।
आप के गठन के वक्त अरविंद केजरीवाल के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने भी केजरीवाल का इस्तीफा मांगा है। शांति भूषण ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने आप को न सिर्फ व्यक्तिवादी पार्टी बनाया, बल्कि सबसे भ्रष्ट पार्टी भी बना दिया है। सत्येंद्र जैन के साथ केजरीवाल को भी इस्तीफा देना चाहिए।