रोहित शेखर तिवारी की मौत मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है, लेकिन वारदात किसने और क्यों कि इसका जवाब ढूंढने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। रोहित कोटद्वार, उत्तराखंड से सोमवार रात साढ़े नौ बजे घर पहुंच गया था। इसके बाद खाना खाकर सो गया।
सोने के बाद किसने खोला रोहित शेखर का मोबाइल, ऐसे ही 5 सवालों से जूझ रही पुलिस
जांच में ये बात सामने आई है कि किसी ने रात में रोहित के मोबाइल का लॉक खोला और उसमें कुछ देखा। मोबाइल को वही खोल सकता है कि जिसको उसका पॉसवर्ड पता हो। ऐसे में पुलिस इस सवाल की तह तक जाने में जुटी है कि मोबाइल फोन का लॉक किसने खोला और उसमें क्या देखा? ऐसा करने के पीछे उसकी नीयत क्या थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार परिवार के सदस्यों व नौकर समेत आठ-दस लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें रोहित के सोने के समय को लेकर भी विरोधाभास है। नौकर गोलू उर्फ भोगिन्दर ने कहा है कि उसने रोहित की हल्की मसाज की और वह साढ़े ग्यारह बजे सो गए थे। वहीं परिवार के कुछ सदस्यों का कहना है कि रोहित रात करीब ढाई बजे सोया था। पुलिस पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि रोहित की पत्नी अपूर्वा रात करीब ढाई बजे तक जागती रही। वह बाहर वाले कमरे में टीवी सीरियल ‘सावधान इंडिया’ देख रही थी। फिलहाल अपूर्वा के कमरे को बंद कर रखा है और उसमें किसी को आने-जाने नहीं दिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि रोहित की मौत रात एक से दो बजे के बीच हुई है। उसके पेट में चिकन, चावल व दाल मिली है, जो सेमी डायजस्टेड (अपचा) था। ऐसे में कहा जा सकता है कि रोहित की मौत खाना खाने के कुछ घंटे बाद हो गई थी। पुलिस ने रोहित के विसरा को सुरक्षित रख लिया है।
सीपीसीआर देने से पहले ही मौत हो गई थी
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार रोहित की मौत के बारे में मंगलवार शाम करीब चार बजे पता लगा। अस्पताल ले जाने से पहले अपूर्वा रोहित को सीपीसीआर (हार्ट अटैक के लक्षण होने पर सीने को बार-बार दबाना) दे रही थी। यह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दिखाई दे रहा है। रोहित के ड्राइवर ने भी सीपीसीआर दी थी, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई थी।