रिहा होने से पहले सोमवार को राजेश और नूपुर तलवार जेल से बाहर आने को खासे उत्सुक दिखे। शाम को रिहाई का परवाना डासना जेल पहुंचने के बाद जब राजेश तलवार के भाई दिनेश तलवार डासना जेल पहुंचे तो राजेश ने उन्हें गले लगा लिया। भाई से बोले, बस अब जल्दी घर ले चलो।
आरुषि हत्याकांड : भाई को गले लगाकर बोले तलवार...अब ले चलो घर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार को ही सामान पैक कर चुके तलवार दंपती सोमवार सुबह से ही रिहाई के लिए तैयार थे। राजेश ने सुबह अस्पताल के मरीजों की जांच की तो नूपुर ने बच्चों को पढ़ाते हुए उनके साथ ही समय बिताया। इस दौरान कई मरीज भावुक हो गए और राजेश और नूपुर को माह में एक दो बार जेल आने को कहा। नूपुर ने अपने कुछ कपड़े साथी महिला कैदियों को दिए। दोपहर करीब एक बजे खाना-खाने के बाद लगातार दोनों टीवी देखने लगे और कई बार जेल अधिकारियों से परवाने के बारे में पूछताछ की। जेल अधीक्षक दधिराम मौर्य ने उन्हें बताया कि दोपहर बाद ही परवाना पहुंचने के बाद उनकी रिहाई हो सकेगी।
रात को ठीक से नहीं सो सके दोनों
जेल सूत्रों की मानें तो राजेश और नूपुर रिहाई से ठीक पहले रात को ठीक से नहीं सो सके। डा. राजेश जेल अस्पताल के कमरे में तो नूपुर महिला बैरक में बेचैन दिखीं। हालांकि सुबह पूजा और गुरबाणी के पाठ के बाद दोनों का रुटीन सामान्य रहा।
सुबह से लगा रहा मीडिया का जमावड़ा
बहुचर्चित मर्डर मिस्ट्री के आरोपी डा. राजेश और नूपुर के रिहा होने से पहले सुबह आठ बजे से ही डासना जेल और कोर्ट के बाहर मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। कोर्ट में राजेश के भाई दिनेश के पहुंचते पर भी मीडिया ने उनसे जानकारी ली। वहीं शाम करीब पांच बजे राजेश और नूपुर के रिहा होने के बाद मीडिया डासना जेल से हटी।
जेल अस्पताल को किया प्रणाम, सभी से ली विदाई
जेल जाने के बाद से अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे डा. राजेश ने सुबह पहले उस वॉल पेंटिंग के दर्शन किए जिस पर बनी आंख को वह अपनी बेटी आरुषि की आंख के रूप में देखते थे। दोपहर करीब दो बजे जेल अस्पताल से निकलते समय उन्होंने अस्पताल को प्रणाम किया और सभी साथी डॉक्टरों से विदाई ली।