अपनी ही बेटी आरुषि तलवार की हत्या के आरोप में चार साल जेल में बिताने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद राजेश और नुपुर तलवार ने हॉटस्टार को दिए इंटरव्यू में कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
तलवार दंपत्ति ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी होने के बावजूद उनके लिए समाज में वापस जाना बहुत पीड़ादायक था। क्योंकि लोग उन्हें दूसरी निगाह से देखते थे। जेल से निकलने के बाद तलवार दंपत्ति सबसे पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर गए और वहां से आने के बाद अब वो अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश मे लगे हुए हैं।
राजेश एक ऐसे शख्स का जिक्र करते हैं जिसने जेल की जिंदगी के दौरान में उन्हें इस सदमे से उबरने में मदद की और उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि जेल के शुरुआती दिन उनके लिए बेहद निराशा वाले थे। उन्हें कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। उनकी बेल की अर्जी ठुकरा दी गई थी और कोर्ट ने उनकी अपनी अपील सुनने से भी इनकार कर दिया था।
राजेश बताते हैं कि जब जेल में उन्होंने लोगों की मदद करनी शुरू की और उनसे बात करने लगे तो उन्हें पता चला कि असल में सबकी जिंदगी में दुख और पीड़ा है। सभी दर्द से जूझ रहे हैं। बता दें कि जेल में तलवार दंपत्ति मरीजों को देखते थे और उनका इलाज भी करते थे।
आरुषि की मां नुपुर तलवार जेल के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताती हैं कि शुरुआती दो साल बहुत की कष्ट देने वाले थे। उस वक्त चारों ओर भय और निराशा ही दिखाई देती थी।