नौ देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने प्रगति मैदान सुरंग का दौरा किया और सुरंग में बनी कलाकृतियों की प्रशंसा की। सभी ने इसको इंजीनियरिंग का चमत्कार बताया। सुरंग के अंदर 27,000 वर्ग मीटर में कलाकृतियों को बनाया गया है, जो दुनिया में बनाई गई अब तक की सबसे बड़ी कलाकृति है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भूटान, अफगानिस्तान, जाम्बिया, नाइजर, चाड, आइवरी कोस्ट, बांग्लादेश, मालदीव, माली, मंगोलिया के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने सुरंग में निर्मित कलाकृतियों को देखा।
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Pragati Maidan Tunnel
- फोटो : अमर उजाला
रविवार सुरंग में पैदल चलते हुए बगल की दीवारों और बीच में बने स्तंभों पर सजावटी भित्ति चित्रों को नजदीक से समझा। ये कलाकृतियां 'भारत के छह मौसमों के माध्यम से जीवन का उत्सव' विषय पर आधारित हैं।
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Pragati Maidan Tunnel
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इनके माध्यम से भारत की संस्कृति की अभिव्यक्तियों को दर्शाया गया है। सुरंग के माहौल को स्वदेशी बनाने के लिए भित्ति चित्रों को हाथ से चित्रित किया गया है और हल्के स्टील की चादरों पर निर्मित किया गया है।
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Pragati Maidan Tunnel
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सांब पुराण से प्रेरित है सुरंग
आईटीपीओ के अधिकारियों ने बताया कि यह सुरंग सांब पुराण से प्रेरित है। सांब पुराण में सूर्य पूजा का वर्णन है, जहां कलाकृतियां ऋतुओं के अनुसार रंग बदलती हैं। प्रगति मैदान सुरंग पुराना किला रोड से प्रवेश द्वार पर वसंत ऋतु से शुरू होती है और रिंग रोड पर बाहर निकलने पर शरद ऋतु के साथ समाप्त होती हैं।
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Pragati Maidan Tunnel
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भूमिगत पार्किंग में 4800 गाड़ियां पार्क होंगी
सुरंग प्रगति मैदान पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है और यह सुरंग प्रगति मैदान की भूमिगत पार्किंग से भी जुड़ी हुई है, इस पार्किंग में 4800 गाड़ियां पार्क करने की क्षमता है।