रोहिणी एफएसएल कार्यालय के पास पुलिस वैन को रोककर आफताब पर हमले की कोशिश को नाकाम करने वाले पुलिसकर्मियों को मंगलवार पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने शाबाशी दी। उन्होंने आरोपी आफताब को हमलावरों से बचाकर तिहाड़ जेल पहुंचाने वाले तीसरी बटालियन में तैनात दो उप निरीक्षक को 10-10 हजार रुपये, 2 हवलदार व एक सिपाही को 5-5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया। साथ ही, पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाया।
2 of 6
आफताब पर हमला करने पहुंचे हमलावर
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को आफताब को पुलिस हिरासत में जेल से रोहिणी स्थित एफएसएल कार्यालय में पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए ले जा रही थी। करीब आठ घंटे के पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद शाम लगभग 7 बजे आफताब को पुलिस वैन से जेल ले जा रही थी। इसी दौरान पांच से छह हमलावरों ने मारुति जेन कार को वैन के सामने लगाकर रोका और तलवारों से लैस होकर वैन पर हमला कर दिया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया था। पूछताछ में आरोपियों की पहचान गुरुग्राम निवासी कुलदीप ठाकुर और निगम गुर्जर के रूप में हुई।
3 of 6
आफताब पर हमला करने पहुंचे हमलावर
- फोटो : अमर उजाला
कुलदीप ठाकुर ने पूछताछ में बताया कि निगम गुर्जर अन्य साथी के साथ पांच तलवार लेकर आया था। आरोपियों ने खुद को हिंदू सेना का कार्यकर्ता बताया था। हालांकि, रात में ही हिंदू सेना ने इसका खंडन कर दिया था। पकड़े गए दोनों आरोपी गांव धनकोट के रहने वाले हैं।
4 of 6
आरोपी आफताब को लैब ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मीडिया की सुर्खियां पाने के लिए किया था हमला
प्रशांत विहार थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया। आरोपियों का कहना है कि मीडिया की सुर्खियों में आने के लिए उन लोगों ने आफताब पर हमला किया था। पुलिस हमले में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश में गुरुग्राम और दिल्ली में दबिश दे रही है।
5 of 6
श्रद्धा मर्डर केस का आरोपी आफताब।
- फोटो : अमर उजाला
तिहाड़ में बंद आफताब की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एफएसएल कार्यालय के बाहर वैन पर हमला होने के बाद तिहाड़ में भी उस पर हमले की आशंका जताई जा रही है। इस कारण जेल नंबर चार के 15 नंबर बैरक के आसपास दो जेलकर्मी उस पर निगरानी रखेंगे। इसमें एक हेड वार्डर होगा। आफताब को जेल में बंद अन्य कैदियों से अलग रखा जाएगा।