छतरपुर स्थित शनि धाम के संस्थापक दाती महाराज पर दर्ज दुष्कर्म के मामले में दो बड़े खुलासे हुए हैं। पहला यह कि पीड़ित ने जिन तारीखों में दुष्कर्म होने की बात कही है, उन दिनों में उसके गुरुकुल में होने की पुष्टि हो गई है। पुलिस को इस बाबत सबूत हाथ लगे हैं। दूसरा खुलासा यह है कि पाली, राजस्थान स्थित गुरुकुल से 12 लड़कियां बीच में ही पढ़ाई छोड़कर चली गई थीं।
दाती महाराज के खिलाफ पुलिस को मिले सबूत, दुष्कर्म के मामले में दो बड़े खुलासे
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अपराध शाखा की टीम राजस्थान में छापेमारी कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर लड़कियों ने आश्रम क्यों छोड़ा। ऐसा तो नहीं है कि उन्होंने यह कदम दाती की वजह से उठाया हो। शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक टीम दो दिन से पाली में छापा मार रही है। इस दौरान गुरुकुल से 12 लड़कियों के आश्रम छोड़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने इनमें से दो लड़कियों से संपर्क साध लिया है। एक लड़की ने बताया कि महाराज की डांट-फटकार की वजह से उसने गुरुकुल छोड़ दिया था। दूसरी लड़की ने बताया कि शादी करने के लिए उसने गुरुकुल छोड़ा था।
लड़कियों ने कहा, गुरुकुल में किसी से नहीं हुआ दुष्कर्म
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गुरुकुल में पढ़ने वाली लड़कियों में से बालिग 33 के बयान दर्ज किए गए हैं। इस दौरान लड़कियों ने दावा किया कि उनकी जानकारी के मुताबिक, गुरुकुल में कभी किसी लड़की से दुष्कर्म नहीं हुआ है। एक अधिकारी ने बताया कि गुरुकुल में कुल 827 लड़कियां पढ़ती हैं। इनमें पुलिस ने 33 बालिग लड़कियों के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी ने बयान में कहा है कि गुरुकुल में किसी के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है।
एक अधिकारी के मुताबिक, छापेमारी में इस बात की पुष्टि हुई है कि दुष्कर्म पीड़ित लड़की उन तारीखों (27,28 व 29 जनवरी, 2016) को आलावास स्थित गुरुकुल में उपस्थित थी, जिन तारीखों का जिक्र उसने पुलिस के सामने दिए बयान में किया था। यह सिर्फ एक ही सबूत है, जो पुलिस को मौके से मिला है। इसके अलावा, अब तक पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है। इसके साथ-साथ पाली स्थित गुरुकुल से मानव तस्करी के सबूत भी नहीं मिले है। दरअसल, कुछ लोगों ने दाती पर मानव तस्करी के भी आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बागावास में निर्माणाधीन अस्पताल और आलावास स्थित गुरुकुल में छापेमारी की थी।