अगर स्थानीय पुलिस ने समय रहते मौके की नजाकत को भांप लिया होता, तो बुलंदशहर बवाल से बचा जा सकता था। पुलिस ने गोहत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की और लोगों के समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। उसके बाद पुलिस को लगा कि मामला शांत हो गया है, लेकिन क्षेत्र में गोहत्या की सूचना आग की तरह फैल रही थी, जिसका अंदाजा लगाने में पुलिस व प्रशासन ने चूक की। खुफिया एजेंसियों ने माना है कि अगर थाना पुलिस थोड़ी सजगता दिखाते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स की मांग कर लेती, तो बवाल से बचा जा सकता था। एक घंटे के अंदर हजारों कॉल की गई, जिनका रिकार्ड एजेंसियों ने खंगाला है।
बुलंदशहर बवाल: समय रहते चिंगरावठी का रुख नहीं भांप सकी पुलिस, इस रिपोर्ट में हुअा खुलासा
सूत्रों के मुताबिक केंद्र को भेजी रिपोर्ट में खुफिया एजेंसियों ने उल्लेख किया है कि सोमवार सुबह करीब पौने दस बजे 25 से 30 लोग चिंगरावठी पुलिस चौकी पहुंचे। वहां पर उन्होंने गोहत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। काफी देर तक पुलिस के साथ बहस हुई। इसके बाद करीब साढ़े 10 बजे पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले में लिप्त किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
रिपोर्ट दर्ज होने व पुलिस के आश्वासन पर लोग लौट गए। पुलिस ने समझा कि अब क्षेत्र का माहौल शांत हो गया, जो कि उसकी भूल थी। क्योंकि गोहत्या की सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैलाई जा रही थी। 100-150 लोगों का समूह फोन कर क्षेत्र के बाकी लोगों को सूचना दे रहा था कि पुलिस गोहत्या के मामले को दबाने में लगी है। ऐसे में देखते ही देखते सवा 11 बजे डेढ़ से दो हजार लोगों की भीड़ फिर जुट गई, लेकिन मौके पर पुलिस बल उतनी तादाद में मौजूद नहीं था।
यही कारण था कि आक्रोशित भीड़ बड़ी आसानी से सड़क जाम करती है और आगजनी व तोड़फोड़ पर उतारू हो जाती है। हालात बेकाबू होते देख आला अधिकारियों से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाती है। जब तक बाकी थानों की पुलिस मौके पर पहुंचती, काफी बवाल हो चुका था। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और 18 वर्षीय सुमित को गोली लग चुकी थी। उसके बाद भी आक्रोशित भीड़ बेकाबू होती दिख रही थी, जिसे शांत करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस को करीब 40 मिनट तक लाठीचार्ज करना पड़ता। एजेंसियों ने माना है कि अगर साढ़े 10 बजे ही अतिरिक्त पुलिस बल लगा दिया जाता, तो शायद स्थिति इतनी न बिगड़ती।
बवाल करने वाले 95 फीसदी युवा
खुफिया रिपोर्ट बताती है कि चिंगरावठी, नया बांस व महाब गांव में एक घंटे से कम समय में दो हजार से अधिक कॉल की गईं। इसमें सबसे ज्यादा कॉल साढ़े 10 बजे के बाद हुईं, जबकि सामान्य दिवसों में तीनों गांवों से औसतन एक घंटे में तीन-चार सौ कॉल होती हैं। सूत्र बताते हैं कि खुफिया एजेंसियों ने करीब डेढ़ सौ ऐसे मोबाइल नंबर छांटे हैं, जिनसे एक घंटे के अंदर 50 से अधिक नंबर पर कॉल हुई। इसमें बवाल के मुख्य आरोपी योगेश राज के दो मोबाइल नंबर भी शामिल हैं, जिनसे एक घंटे में 150 कॉल की गईं। खुफिया एजेंसी ने माना है कि बवाल में शामिल 95 फीसदी युवा थे, जिनकी उम्र 30 वर्ष से भी कम थी। यानी बुलंदशहर बवाल के पीछे युवाओं का सबसे बड़ा हाथ रहा। पुलिस अब कॉल डिटेल के आधार पर तीनों गांवों के बवाल करने वाले युवाओं को तलाश रही है।