ऐसी थी दहशत कि तीन घंटे तक बाहर नहीं निकली महिलाएं
मंगलवार को हुए ट्रेन हादसे के दौरान ट्रेन में सफर कर रही महिला यात्रियों में भय बना हुआ था। महिलाओं का कहना था कि ट्रेन काफी धीमी गति से चल रही थी। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। लगभग तीन घंटे तक महिलाएं एक्सप्रेस ट्रेन से डर से सहमी बैठी रहीं व नीचे नही उतरी।
ऐसी थी दहशत कि तीन घंटे तक बाहर नहीं निकली महिलाएं
ट्रेन चलने के बाद ही उन्हें सुकून मिला। एक्सप्रेस और ईएमयू ट्रेन के हादसे ने ट्रेन में सफर कर रही महिला यात्रियो को झकझोंर कर रख दिया। 12171 लोकमान्य मुंबई-हरिद्वार एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला यात्रियों में हादसे का डर इस कदर बैठ गया कि करीब तीन घंटे तक महिला यात्री ट्रेन से नीचे नही उतरी।
ऐसी थी दहशत कि तीन घंटे तक बाहर नहीं निकली महिलाएं
एक्सप्रेस गाड़ी में सफर कर रही महिला यात्रियों ने बताया कि जब उन्हें एक साथ झटका लगा तो वह एक दम से डर गयी। अन्य यात्रियो ने बताया कि एक साथ जब यह हादसा हुआ तो उन्हें ऐसा लगा कि ट्रेन पलटने वाली है। एक्सप्रेस के यात्रियों ने बताया कि यहां के ग्रामीणों ने पुलिस व आरपीएफ से पहले आकर मदद के लिए हाथ बढ़ाए।
ऐसी थी दहशत कि तीन घंटे तक बाहर नहीं निकली महिलाएं
महिलाओं ने बताया कि उन्होने कभी भी ऐसा हादसा नही देखा। पहली बार ट्रेन का हादसा देखकर वह बहुत बुरी तरह से घबराई और सहमी हुई है। घटना के समय सो रही थी जब एक साथ झटका लगा तो मै पूरी तरह से सहम गई और भयभीत हो गई। पता चला कि ट्रेने आपस में भीड़ गई है तो मै ट्रेन से बाहर ही नही निकली -देवयानी जोशी, यात्री एक्सप्रेस ट्रेन।
ऐसी थी दहशत कि तीन घंटे तक बाहर नहीं निकली महिलाएं
जब यह हादसा हुआ तो मै अपने घर पर फोन पर बात कर रही थी और जब ट्रेन टकराई तो मै डिब्बे के बाहर थी। एक साथ झटका लगा और मै गिर गई जिससे मुझे हाथ में मामूली सी चोट आई है। इस हादसे को मै भूला नही पाऊंगी- हंसा जोशी, यात्री एक्सप्रेस ट्रेन।