देश की राजधानी में इंडिया गेट पर स्थित देश की सुरक्षा में शहीद जवानों की याद में स्थापित अमर जवान ज्योति पर शनिवार शाम कश्मीर में आतंकियों द्वारा मारे गए सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को श्रद्धांजलि दी गई। हजारों की तादाद में सेना के अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों समेत आम लोगों ने हाथों में मोमबत्ती लेकर लेफ्टिनेंट फैयाज के हत्यारों को जल्द से जल्द व सख्त सजा देने की मांग रखी। इस दौरान लोगों ने वंदे मातरम, भारत माता की जय और लेफ्टिनेंट उमर फयाज अमर रहे के नारे लगाए।
इंडिया गेट पर इस कैंडल मार्च का आयोजन लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की पुणे स्थित नेशनल डिफेंस अकेडमी (एनडीए) के बैचमेट की ओर से किया गया था। क्योंकि एनडीए में ट्रेनिंग के बाद लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को 10 दिसंबर 2016 को भारतीय सेना में कमीशन मिला था। वे 129वैं बैच के कैडेट थे। कैंडल मार्च के दौरान सेना के अधिकारियों व जवानों ने नम आंखों से श्रद्धाजंलि देते हुए उन्हें इंसाफ देने की भी मांग रखी।
दक्षिण कश्मीर के शोपियां स्थित शहीद लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के घर शनिवार को सेना के अधिकारी पहुंचे और उनके परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया। सेना ने उमर फैयाज के हत्यारे को सबक सिखाने का भी भरोसा इस परिवार को दिया। सेना ने इस इलाके की एक स्कूल का नाम लेफ्टिनेंट उमर फैयाज गुडविल स्कूल रखने का फैसला किया है।
भारतीय सेना के 22 वर्षीय लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को मंगलवार 9 मई की रात आतंकी घर में घुसकर उन्हें घसीट ले गए। मां जमीला और पिता फयाज अहमद चीखते रह गए। लेकिन वो अपने बेटे को आतंकियों के चंगुल से बचा न सके।
उमर फयाज की मां जमीला शोपियां के बटपूरा मातिरबग गांव में अपने भाई के घर अपनी भतीजी की शादी में गई हुई थीं। उमर ने भी शादी में शामिल होने के लिए अनंतनाग से आए थे।