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अंधविश्वास का जाल: बेटे के शव को बनाया ममी तो दिल्ली में 11 सामूहिक खुदकुशी, पढ़ें दिल दहला देने वाले किस्से

Mon, 26 Sep 2022 03:33 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 26 Sep 2022 03:33 PM IST
सार

समाज में आज भी अंधविश्वास का जाल फैला हुआ है। जागरूकता के अभाव में लोग काल के गाल में समा रहे हैं। अंधविश्वास एक ऐसा विश्वास है, जिसका कोई उचित कारण नहीं होता है। आज तांत्रिक-बाबा के  चक्कर में पड़ अंधविश्वास के चलते लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं।

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People are getting caught in the web of superstition
अंधविश्वास - फोटो : social Media

समाज में आज भी अंधविश्वास का जाल फैला हुआ है। जागरूकता के अभाव में लोग काल के गाल में समा रहे हैं। अंधविश्वास एक ऐसा विश्वास है, जिसका कोई उचित कारण नहीं होता है। आज तांत्रिक-बाबा के  चक्कर में पड़ लोग अंधविश्वास के चलते अपनी जान गवां बैठते हैं। लोगों पर अंधविश्वास इस कदर हावी है कि इसके तहत होने वाली घटनाएं कल्पना से परे लगती हैं। अंधविश्वास का ताजा मामला कानपुर में सामने आया है। जहां मां-बाप ने अपने बेटे के शव को डेढ़ साल से सिर्फ इस आस में घर के एक कमरे में रखा हुआ था कि एक दिन उनका बेट उठ खड़ा होकर उन्हें प्यार से पुकारेगा। आज हम आपको अंधविश्वास से जुड़ी कुछ ऐसी ही घटनाओं के बारे में बताएंगे जिन्हें जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। 

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income tax officer dead body - फोटो : अमर उजाला

कानपुर में शव के साथ परिवार ने बिताए डेढ़ साल
मां की ममता, पिता की आस और पत्नी का प्यार इस कदर अंधविश्वास में बदल गया कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि विमलेश (35) अब इस दुनिया में नहीं रहा। इसी अंधविश्वास का फायदा उठाया दो निजी अस्पतालों और एक झोलाछाप ने। डेढ़ साल के दौरान इन लोगों ने मुर्दे के इलाज के नाम पर घर वालों के 30 लाख रुपये खर्च करा डाले। इंजेक्शन और ग्लूकोज चढ़ाते रहे और रुपये वसूलते रहे। अप्रैल 2021 में ही दम तोड़ चुके रोशननगर निवासी आयकर अधिकारी विमलेश कुमार (35) के जीवित होने के अंधविश्वास में पूरा परिवार मानो मनोरोगी सा हो गया है। माता-पिता से लेकर घर के बच्चे तक विमलेश की आंखें खुलने के इंतजार में शव की डेढ़ साल तक सेवा करते रहे। इस दौरान न तो परिवार ने कोई त्योहार मनाया और न ही घर में अच्छा खाना बना। विमलेश के बड़े भाई सुनील का कहना था कि भाई की धड़कन चल रही थी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब विमलेश की पत्नी मिताली ने अहमदाबाद स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में फोन कर बताया कि पति की मौत हो चुकी है फिर भी माता-पिता उनका शव रखे हुए हैं। 

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बुराड़ी कांड़ - फोटो : अमर उजाला

जब एक ही परिवार के 11 लोगों ने लगाई थी फांसी 
एक जुलाई 2018 की सुबह जब दिल्ली के बुराड़ी स्थित एक घर में 11 लोग फांसी के फंदे पर झूलते मिले तो हर कोई अचंभित और खौफजदा था। कुछ ही देर में यह घटना देश के कोने कोने तक पहुंच गई। हर कोई भाटिया परिवार के साथ हुई इस घटना की वजह जानना चाहता था। लेकिन इस घटना ने दिल्ली पुलिस से लेकर फॉरेसिंक विशेषज्ञों तक के पसीने छुड़ा दिए। अब भले ही दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इस केस को बंद कर दिया है, लेकिन लोगों की नजरों में अब भी अनसुलझा है। काफी लोगों का मानना है कि अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर अपनी ये लोग अपनी जान गंवा बैठे। 

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बुराड़ी कांड़ - फोटो : अमर उजाला

मोक्ष के चक्कर में ये जिंदगियां हुईं थीं खत्म
बुराड़ी के इस परिवार में 77 वर्षीय नारायण देवी, 50 वर्षीय भावनेश, 45 वर्षीय ललित, बहन 57 वर्षीय प्रतिभा, भावनेश की 48 वर्षीय पत्नी सविता, उनके बच्चे 25 वर्षीय निधि, 23 वर्षीय मीनू, 15 वर्षीय ध्रुव, ललित की 42 वर्षीय पत्नी टीना, उनका 15 वर्षीय बेटा शिवम और 33 वर्षीय भांजी प्रिंयका ने मोक्ष के चक्कर में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। इनमें से 9 सदस्यों के शव फंदे पर झूल रहे थे। जबकि नारायणी देवी का शव अंदर कमरे में जमीन पर था। रसोई में तमाम तरह के व्यंजन बने हुए थे। घर में अगरबत्ती की महक थी। टेलीफोन के तार से 9 लोगों के हाथ पैर बंधे थे और मुंह व आंखों पर चुन्नी थी। 

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अभिलाषा के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

तांत्रिक के चक्कर में पड़ युवती ने बढ़ा लिया 200 किलो वजन
पिता की मौत के बाद ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-दो निवासी अभिलाषा को ऑनलाइन उपचार ढूंढना महंगा पड़ गया। वह दिल्ली के रहने वाले कथित तांत्रिक के संपर्क में आ गई। आरोपी तांत्रिक के झांसे में आकर अभिलाषा उस पर पैसे खर्च करने लगी। आरोपी उपचार और तंत्र विद्या के नाम हर माह उससे रुपये ऐंठता था। आरोपी ने अभिलाषा की 27 लाख रुपये की एफडी भी हड़प ली। गलत खानपान के कारण युवती का वजन 200 किलो हो गया और वह चलने फिरने से मोहताज हो गई। तबीयत बिगड़ने पर पिछले साल सितंबर में अभिलाषा (37) की मौत हो गई। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई नहीं तो युवती की मां संतोष रस्तोगी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दिल्ली निवासी तांत्रिक संजय मिश्रा पर धोखाधड़ी, रुपये हड़पने और लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया।

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