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दिल्ली दंगा: जब आरोपी को जमानत देते समय शायरी पढ़ने लगे जज, पढ़ें पूरा वाकया
Sun, 08 Nov 2020 12:15 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 08 Nov 2020 12:15 PM IST
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delhi violence
- फोटो : जी पॉल
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में न्यायाधीश ने शायराना अंदाज में आरोपी को जमानत दी है। शनिवार को न्यायाधीश ने जमानत देते हुए कहा, ‘जिस पिंजरे में हो तुम बंद, उससे आजादी ले लो, ट्रायल समाप्त होने तक राज्य का शासन रहने दो’।
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- फोटो : जी पॉल
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे से जुड़े गोली मारने के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी बाबू को 10 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत देने पर राहत प्रदान की। आरोपी को जमानत देते हुए न्यायाधीश ने शायराना अंदाज में कुछ पंक्तियां बोलीं और अभियोजन की दलीलों को दरकिनार कर दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने कहा कि गोली लगने से घायल पीड़ित ने अपने मेडिकल लीगल रिकॉर्ड में अपना पता गलत दर्ज करवाया और इससे पहले कि पुलिस उसका बयान लेती वह फरार हो गया था। कोर्ट ने कहा कि आरोपी बाबू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि वही रिकॉर्ड आखिर तक रहेगा। बाबू को 24 फरवरी को मौजपुर-जाफराबाद इलाके में दंगे के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और इस मामले में चश्मदीद दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल सतीश है, जो उस वक्त मौजपुर रेड लाइट पर तैनात था। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों पर संशय जताते हुए यह निर्णय लिया।
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delhi violence
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने शायराना आदेश देते हुए कहा, बाबू प्लीडिंग फोर हिज बेल, स्टेट ओपोसिंग टूथ एंड नेल। समर्स बायगोन, विंटर हैव अराइव्ड, बट क्राइम यू डिड एंड राहुल क्राइड। आई एम नॉट वन, आई एम नॉट वन, टू ग्रेव दी चार्ज, डोंट प्रिटेंड। हूम डिड आई अटैक, व्हेयर इज ही, ओह! दैड वी नो, इन दी ट्रायल वी सी। इसके अलावा भी न्यायाधीश ने कुछ अन्य पंक्तियां बोलते हुए पूरा ऑर्डर शायराना अंदाज में लिखा।
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हिंसा के दौरान जलाई गई कारें
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच आरोपी के वकील ने यह भी दलील दी थी कि मामले में बाबू के सह आरोपी इमरान को भी पहले ही जमानत मिल चुकी है। वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है।