ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। टीम शनिवार देर रात मेरठ लौट गई। प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी। अब कार्रवाई का इंतजार है।
उधर, कार्रवाई में हो रही देरी से युवराज के परिजन और शहरवासी नाखुश हैं। 16 जनवरी को हुए हादसे के बाद सिस्टम की लापरवाही से युवराज की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एसआईटी का गठन किया था। जांच पांच दिनों तक चली। इस दौरान 150 लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें पुलिस, प्रशासन, प्राधिकरण के अधिकारी और चश्मदीद थे।
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इंजीनियर युवराज का आखिरी वीडियो वायरल
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जांच पूरी होने के बाद जल्द एसआईटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंपेगी। 26 जनवरी के बाद किसी भी दिन मामले में शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश जारी हो सकते हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि इंसाफ मिलने में लगातार देरी हो रही है। इन सब के बीच रिपोर्ट में संशोधन होने पर एसआईटी दोबारा लौट सकती है।
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डिलीवरी बॉय मोनिंदर
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पुलिस का दावा, मोनिंदर के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल से काफी दूर
पुलिस की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में युवराज को बचाने की कोशिश करने वाले डिलीवरी बॉय मोनिंदर की लोकेशन कहीं और बताई जा रही है। पुलिस की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में युवराज समेत मोनिंदर के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल निकाली गई। पुलिस के अनुसार, जिस समय मोनेंद्र घटनास्थल पर होने का दावा कर रहा है, उस समय उसके मोबाइल की लोकेशन काफी दूर थी।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे में टूटी पड़ी नाले की दीवार
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पुलिस कंट्रोल रूम पर आई पहली कॉल से लेकर मौके पर पुलिस, अग्निशमन दल और बचाव दल के पहुंचने तक की टाइमलाइन भी साझा की गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि युवराज को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। उधर, युवराज का मोबाइल फोन किस समय बंद हुआ और उनके मोबाइल की लोकेशन भी रिपोर्ट में साझा की गई है।
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नोएडा के सेक्टर -150 स्थित गड्ढे में जहां कार गिरी थी उसके दूसरी तरफ भी नहीं है कोई बैरिकेड
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फरार बिल्डर निर्मल सिंह के बैंक खाते होंगे फ्रीज
लोटस ग्रीन बिल्डर के मालिक निर्मल सिंह की गिरफ्तारी घटना के आठ दिन बाद भी नहीं हो सकी है। अब बिल्डर कंपनी के बैंक खातों को फ्रीज करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिससे उसकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। पुलिस को आशंका है कि आरोपी बैंक से पैसा निकालने के बाद विदेश भाग सकता है।