ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के बाद भले ही कुछ देर तक धूल हवा में रही हो, लेकिन इससे आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) छह गुना तक बढ़ गया। इसकी वजह से सोमवार को भी लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ हुई। हालांकि शाम को हुई बारिश से वायु प्रदूषण से परेशान निवासियों की समस्या काफी हद तक कम हो गई है। बारिश के बाद आसपास के सभी इलाकों के लोगों में खुशी का माहौल बन गया। लोगों का कहना था कि सोसोइटी में फिलहाल सबसे बड़ी समस्या धूल को काबू करने की ही थी। बारिश से काफी राहत मिली है। आलम यहा था कि धूल और प्रदूषण के डर से एमराल्ड कोर्ट समेत आसपास की सोसाटी निवासियों ने सुबह से बालकनी के दरवाजे बंद रखे थे। लेकिन देर शाम हुई तेज बारिश के बाद कई बालकनी को भी लोगों ने खोल दिया।
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ट्विन टावर
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले रविवार को टावर ध्वस्त होने से पहले सेक्टर-93ए में सुबह छह से दोपहर दो बजे तक वायु प्रदूषण का स्तर 108 दर्ज किया गया था। जो टावर ध्वस्त होने के बाद रात आठ बजे तक बढ़कर 676 पहुंच गया। जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।
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ट्विन टावर
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि रविवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह छह बजे एक्यूआई 230 रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के दौरान आसपास के क्षेत्र में एक्यूआई मापने के लिए छह जगह पर यंत्र लगाए गए हैं।
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ट्विन टावर
- फोटो : अमर उजाला
सफाई का काम जोरों पर
नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने सोमवार सुबह को एमराल्ड कोर्ट व एटीएस सोसाइटी का दौरा कर धूल से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
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ट्विन टावर का मलवा
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धूल से निपटने के लिए दिनभर वाटर स्प्रिंकल, एंटी स्मॉग गन और पानी के टैंकरों से बौछारें की गईं। धूल पर छिड़काव और पौधों की धुलाई का काम जारी रहा। मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और सफाई कर्मियों की मदद से सड़कों को लगातार साफ कराया गया।