भ्रष्टाचार की इमारत के तौर पर मशहूर ट्विन टावर बेशक जमींदोज हो गया है, लेकिन इसी तरह की सैकड़ों इमारतें अभी भी गौतमबुद्ध नगर में तैयार हो रही हैं। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के डूब क्षेत्र से लेकर जेवर तक सिलसिलेवार तरीके से अवैध निर्माण जारी है। नोएडा एक्सटेंशन के शाहबेरी में आईटी रिपोर्ट के बावजूद भी कई इमारतें नहीं गिराई जा सकी हैं। आशियाने का सपना पाले शहरियों को इसे मोटी कीमत पर बेचा जा रहा है। हैरानी की बात यह कि इन पर होम लोन भी मिल जाता है और रजिस्ट्री भी हो जाती है। ट्विन टावर गिरने के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक आम लोग यही सवाल उठा रहे हैं कि पूरा जिला अवैध निर्माण से मुक्त कब होगा।
भ्रष्टाचार की दो इमारतें ढहीं, सैकड़ों मुंह उठाए खड़ीं: नोएडा से जेवर तक अवैध निर्माण जारी, कब आएगी इनकी बारी?
दरअसल, नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे कई स्थानों पर अवैध निर्माण किया गया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के डूब क्षेत्र में पाबंदी के बावजूद कॉलोनियां काटने का खेल बेखौफ चल रहा है। यहां बड़े-बड़े अवैध फार्म हाउस भी बने हैं। नोएडा एक्सटेंशन के शाहबेरी में नेता, अफसर और माफिया के गठजोड़ से बड़ी संख्या में अवैध निर्माण हुआ है। जेवर में नोएडा एयरपोर्ट को हरी झंडी मिलते ही भूमाफियाओं ने प्लाटिंग की और कई जगह कालोनियां भी काट दीं। यहां तक कि फ्लैट बनाकर इनको बेचा भी जा रहा है।
आईआईटी की रिपोर्ट के बावजूद शाहबेरी में नहीं गिराए भवन
नोएडा एक्सटेंशन के शाहबेरी में कोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद अवैध निर्माण किया गया। आलम यह है कि एक बड़ी बस्ती बस गई है। खरीददारों का कहना है कि प्राधिकरण से अनुमति व नक्शे दिखाकर फ्लैट बेचे गए हैं। इसके लिए बिल्डरों ने सांठ-गांठ कर होमलोन भी पास करा दिया। 17 जुलाई 2018 यहां भी भ्रष्टाचार से बनी दो इमारतें ढहीं। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लगभग 100 केस दर्ज हुए। कई बिल्डर गिरफ्तार भी हुए। इन पर गैंगस्टर लगा। कई संपत्ति भी जब्त की गई। वहीं, आईआईटी दिल्ली ने इसका सर्वे किया। इसकी रिपोर्ट में दर्ज है कि कई भवन खतरनाक हैं और इनको गिरा देना चाहिए। इसके बाद औपचारिकता के नाम पर कुछ इमारतें गिराई गई थीं। जबकि बड़ी संख्या में आज भी अवैध निर्माण मौजूद है।
एयरपोर्ट के नाम से करते हैं प्लाट का प्रचार
भूमाफिया व कालोनाइजर किसान से सस्ते में जमीन खरीदकर उसकी प्लाटिंग कर रहे हैं। लालच नोएडा एयरपोर्ट का दिया जाता है। रोक के बावजूद प्रतिबंधित एरिया को भी इन लोगों ने नहीं बख्शा। कालोनियां काटकर इनकी बिक्री भी कर दी गई है।
चल रहा है प्राधिकरण बुलडोजर लेकिन..
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण अवैध निर्माण पर लगातार बुलडोजर लगातार चल रहा है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के डूब क्षेत्र में बने फार्म हाउस से लेकर अन्य स्थानों पर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। वहीं, गौतमबुद्घ नगर पुलिस कमिश्नरेट भी भूमाफिया आदि पर गैंगस्टर लगाकर उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन जितने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुआ है, उसमें कार्रवाई नाकाफी है।