नोएडा के गढ़ी चौखंडी गांव में पांच मंजिला इमारत के भूतल पर बने फ्लैट में सोमवार सुबह एसी फटने के बाद आग लग गई। हादसे में फ्लैट निवासी दो सगी बहनों की जलकर मौत हो गई। जबकि माता, पिता और भाई गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया। सोमवार सुबह हुए हादसे के बाद पांच मंजिला इमारत और आसपास इलाके में अफरातफरी मच गई। ऊपरी मंजिल पर बने चार फ्लैटों में रहने वाले 20 लोगों ने बांस की सीढ़ियों व गैस पाइप लाइन के सहारे उतरकर अपनी जान बचाई। तीन दमकल वाहनों ने करीब 30 मिनट में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
नोएडा: एसी फटते ही लगी आग, लाख कोशिशों के बाद भी बेटियों को न बचा सके दिनेश, परिवार बचाने में बुरी तरह झुलसे
तीनों घायलों को यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीनों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। दिनेश सोलंकी करीब 75 फीसदी झुलस गए हैं। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। जबकि उनकी पत्नी ममता सोलंकी और बेटा शिवा 20 से 22 फीसदी तक झुलसे हैं। आग लगने की सूचना के बाद मौके पर अग्निशमन व पुलिस की टीम पहुंची। पुलिस और अग्निशमन कर्मचारियों ने इमारत के ऊपरी मंजिल पर स्थित अन्य फ्लैट में फंसे कुछ लोगों को बाहर निकाला।
हालांकि इससे पहले ही ज्यादातर लोग गैस पाइपलाइन और बांस की सीढ़ियों के सहारे बाहर निकल गए थे। तीन दमकल वाहनों ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। सोमवार दोपहर बाद हादसे में जान गंवाने वाली दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पुलिस व परिजन मौजूद थे।
सोमवार सुबह करीब 5 बजे एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग ने भूतल पर बने फ्लैट को चपेट में ले लिया। हादसे के समय पूरा परिवार सो रहा था। उन्हें समय से पता नहीं चल पाया। हादसे में दो बहनों की मौत हो गई। जबकि तीन परिजन झुलस गए। - अंकुर अग्रवाल, एडीसीपी, नोएडा सेंट्रल
इमारत के पास संकरा है रास्ता, 100 मीटर पहले रोका दमकल
जिस इमारत में आग लगी है वहां का रास्ता संकरा है। घटनास्थल से करीब 100 मीटर पहले दमकल को रोककर अग्निशमन कर्मचारियों ने पाइप के सहारे आग बुझाने का काम शुरू किया। इस दौरान घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई थी।
हादसे के बाद इमारत खाली कर चले गए लोग
गढ़ी चौखंडी के जिस इमारत में आग लगी उसके चार अन्य फ्लैटों में रहने वाले लोग वहां से चले गए हैं। चारों फ्लैट में ताला लगा हुआ है। इमारत के आसपास काफी संख्या में इसी तरह की बिल्डिंग है। पड़ोसियों का कहना है कि चार फ्लैटों में रहने वाले लोग अपने नाते रिश्तेदारों या मित्र के घर चले गए हैं। अभी वे लोग काफी डरे हुए हैं।
एक निकास मार्ग होने से हुई परेशानी
जिस इमारत में आग लगी है। वहां आने जाने का एक ही रास्ता है। ग्राउंड फ्लोर पर आग लगने से ऊपर के फ्लोर पर रहने वाले लोग असहाय हो गए। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अगर दोनों तरफ से रास्ता होता तो इमारत में फंसे लोगों को आसानी से बाहर निकला जा सकता था।
लोगों ने देर से दमकल पहुंचने का लगाया आरोप
स्थानीय लोगों ने दमकल की टीम भी देर से आने का आरोप लगाया है। वहीं अग्निशमन विभाग का कहना है कि सुबह 5:55 बजे आग की सूचना मिली थी। जिसके 10 से 15 मिनट में अग्निशमन विभाग की टीम वहां पहुंच गई थी।