ग्रेटर नोए़डा में यमुना एक्सप्रेसवे पर जिस बस में जलकर 9 लोगों की मौत हो गई उसे परिवहन विभाग ने क्लीन चिट दी है। विभाग की प्राथमिक जांच में सभी मानक दुरुस्त पाए गए हैं। बस में किसी तरह की खराबी या कमी नहीं मिली।
जिला परिवहन विभाग की कार्रवाई में बस में सीटों की बीच बने गलियारे को भी दुरुस्त बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार बस के अंदर के गलियारे की चौड़ाई 450 एमएम होनी चाहिए। जांच में इसे 650 एमएम मापा गया है।
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
- फोटो : पीटीआई
वहीं, बस के ढांचे को भी पूरी तरह फिट बताया गया है। इसके अलावा अंदर की वायरिंग और डिजाइन को भी दुरुस्त बताया है। अन्य सभी मानक भी सही पाए गए हैं।
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
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आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच में सभी मानक बिल्कुल सही पाए गए हैं। जिसके आधार पर आगे की जांच को अंजाम दिया जाएगा। विभाग की जांच में जांच में सिर्फ एक फायर एक्सटिंग्विशर प्राप्त होने की पुष्टि की गई है। इसके अलावा कोई कमी नहीं मिली है।
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ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
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मुख्यालय ने गठित की टीम, लखनऊ से आएंगे अधिकारी
बस हादसे की जांच करने के लिए अब लखनऊ से अधिकारियों की टीम शहर में आएगी। मुख्यालय स्तर से टीम गठित की गई है। बताया जा रहा है कि जिले स्तर की जांच के बाद ये निर्णय लिया गया है।
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ओवरलोडिंग को कर दिया नजरअंदाज
स्लीपर बस में ज्वलनशील सामान इतनी बड़ी मात्रा में ढोकर ले जाने को अधिकारियों ने जांच के दौरान नजरअंदाज कर दिया। इतनी बड़ी लापरवाही होने के बाद भी परिवहन विभाग की जांच में कोई खामी नहीं दर्शाई गई। जबकि छत पर लगे कैरियर और बस के अंदर के गलियारे और डिग्गी में काफी सामान रखा था।