31 दिसंबर की रात ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 गोलचक्कर के पास कार की टक्कर से घायल हुई इंजीनियरिंग की छात्रा स्वीटी अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है। पुलिस अब तक इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी व कार की तलाश नहीं कर सकी है। मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे न लगे होने के कारण पुलिस को दुर्घटना स्थल का कोई फुटैज नहीं मिला है।
सात दिन बाद भी खतरे में स्वीटी: हादसे के लिए जिम्मेदार कार चालक का कोई सुराग नहीं, सेंट्रो पर शक की सुई
नववर्ष की तैयारियों के लिए अल्फा-2 सेक्टर से अलाव के लिए लकड़ियां व अन्य सामान लेकर सेक्टर डेल्टा-1 लौट रहीं दो छात्राओं और एक छात्र को कार ने पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद चालक कार लेकर फरार हो गया। हादसे में इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष की छात्रा बिहार के पटना निवासी स्वीटी कुमारी, उसकी रूम पार्टनर अरुणाचल प्रदेश निवासी करसोनी डोंग व मणिपुर का आनगानवा घायल हो गए थे। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्वीटी कुमारी के सिर में गंभीर चोट, एक पैर में पांच तो दूसरे में दो फ्रैक्चर थे। सिर में चोट के कारण स्वीटी कुमारी कोमा में चली गई। घटना के बाद से पुलिस की सर्विलांस, साइबर व अन्य विशेष टीमें कार की पहचान के प्रयास में जुटी हैं। छह दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी तो दूर पहचान तक नहीं हो पाई है।
आठ किमी. के दायरे में खंगाले फुटेज, संदिग्ध फोन नंबरों की भी जांच
एसीपी महेंद्र सिंह देव ने बताया कि जहां हादसा हुआ उस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण हादसे का फुटेज नहीं मिला है। हादसे के समय ही सेंट्रो जैसी दिख रही कार ऑडी कार को ओवरटेक करते हुए मार्डन पब्लिक स्कूल के सीसीटीवी में कैद हुई है, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण कार का नंबर नहीं दिखा है। इसके बाद बैलेनो कार में आए दंपती ने घायलों की मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। राहगीरों ने भी सफेद सेंट्रो के टक्कर मारने की जानकारी दी है। पुलिस टीमें एलजी गोलचक्कर, रामपुर मार्केट, 130 मीटर रोड, परी चौक, कासना रोड आदि मार्गों के भी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। हादसे के दौरान वहां से एक्टिव रहे सैकड़ों नंबर जुटाकर कुछ संदिग्ध फोन नंबरों की जांच की जा रही है।
नौ माह पहले लिखा था प्राधिकरण को पत्र
नौ माह पहले भी अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट से पिज्जा खाकर जाते समय एक कार ने पांच छात्र-छात्राओं को कुचल दिया था। इनमें एक छात्र की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से अब तक पुलिस आरोपी कार चालक की पहचान व गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। एसीपी का कहना है कि मार्ग पर सीसीटीवी लगाने के लिए उस दौरान भी प्राधिकरण को पत्र लिखा गया था। मगर समस्या जस के तस बनी हुई है। एक बार फिर प्राधिकरण को पत्र लिखा जा रहा है।
आरोपियों की गिरफ्तारी और सीसीटीवी लगाने की मांग
नॉलेज पार्क में निकाले गए मार्च में शामिल छात्रा प्रज्ञा कंचन पांडे, छात्र प्रतीक मिश्रा, सचिन कुमार आदि ने कहा कि ग्रेटर नोएडा एजुकेशन हब के रूप में जाना जाता है। हादसे के बाद उन्हें पता चला कि यहां कई मार्गों पर सीसीटीवी नहीं लगे हैं। अगर सीसीटीवी लगे होते तो अब तक आरोपियों की पहचान हो जाती। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, छात्रों ने कहा कि अगर हादसा नहीं होता तो आज स्वीटी भी उनकी तरह परीक्षा देकर निकलती। वे सब स्वीटी के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।