फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाकर किडनी ट्रांसप्लांट कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को सेक्टर-63 पुलिस ने एनएच-9 के पास से गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ दो पीड़ितों ने थाने में शिकायत दी थी, जिसके आधार पर पुलिस छानबीन कर रही थी। दोनों पीड़ितों से करीब 24.5 लाख रुपये की ठगी तीनों आरोपी कर चुके हैं। तीनों आरोपी बारहवीं तक पढ़े हैं। शहर में किडनी ट्रांसप्लांट कराने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रूपये की ठगी करने वाले तीन आरोपियों शिवम सिंह उर्फ अविनाश निवासी लखीमपुर खीरी, प्रवीन कश्यप निवासी लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पटेलनगर देहरादून और अनुज पांडेय उर्फ अन्नू निवासी सिहोर मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया गया है।
जरूरतमंदों से विश्वासघात: किडनी ट्रांसप्लांट कराने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, सोशल मीडिया से बनाया शिकार
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पूछताछ में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि ये लोग साल 2018 से फेसबुक व सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म के माध्यम से जरूरतमंदों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसके लिए इन्होंने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बना रखा था। जिसके माध्यम से लोगों को जाल में फंसाते थे। जिन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती थी, वो लोग इनके झांसे में आ जाते थे। मोबाइल नंबर के माध्यम से संपर्क कर पहले जरुरतमंदों को विश्वास में लेते थे, फिर फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार कर उनसे करोड़ों रुपये का मोलभाव करते थे। इस तरह से कई लोगों को इन लोगों ने अपना शिकार बनाया है।
दो पीड़ितों की मदद से हुआ पर्दाफाश
मयूर विहार फेज तीन निवासी दीपेश कुमार व स्वर्णाभ शुक्ला की मदद से पुलिस इस गिरोह तक पहुंचने में सफल रही। दस नवंबर को पीड़ित मुकेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके भाई की पत्नी को किडनी देने के नाम पर आरोपियों ने साढ़े नौ लाख रुपये खातों में डलवा लिए। इसके बाद किडनी देने में आनाकानी करने लगे। वहीं एक अन्य पीड़ित स्वर्णाभ शुक्ला ने भी जून 2022 में इसी तरह की शिकायत देते हुए पुलिस को बताया था कि आरोपियों ने उनसे किडनी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी की है। जिसके बाद पुलिस टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया।
एडीसीपी सेंट्रल साद मिया खान ने बताया कि बीते करीब चार साल में आरोपियों ने कई लोगों को ठगी का शिकार बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। इनके बैंक खाता आदि की जांच की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी छानबीन की जा रही है।
सुजीत भी बने ठग के शिकार
नोएडा के सेक्टर 116 में रहने वाले सुजीत यादव ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी पत्नी लवी यादव का किडनी प्रत्यारोपण होने वाला था। किडनी दानदाता की खोज में सुजीत ने अपने व्हाट्सएप पर डीपी लगाई थी। इसे देखने के बाद राज सिंह नामक व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर फोन किया। उसने बताया कि वह लखनऊ में कानूनी तरीके से किडनी प्रत्यारोपण कराता है। इसमें 23 लाख रुपये का खर्च आएगा। उसने यादव को लखनऊ के एक नामी अस्पताल का नाम लेकर किडनी प्रत्यारोपण का झांसा देकर जाल में फंसाया। आरोपी ने यादव से 9 लाख 80 हजार रुपये ले लिए और बाद में अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने राज सिंह, शिवम, राकेश यादव, प्रकाश लाल, वरूण दीक्षित, अनुज पांडेय और डॉक्टर राजेंद्र गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।