कूड़ी खेड़ा गांव की बेटी दीपिका नागर की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक गुहार लगाएंगे। साथ ही चेतावनी दी कि आरोपियों के खिलाफ आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे। घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग लगातार पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
संजय नागर ने बताया कि बेटी की शादी 11 दिसंबर 2024 को हुई थी और शादी में एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे। उनका आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ना शुरू हो गई थी, हालांकि पहले मामले को परिवार के स्तर पर सुलझाने की कोशिश की जाती रही।
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दीपिका की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : एएनआई
उन्होंने कहा कि घटना से करीब एक घंटे पहले वह ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव स्थित ससुराल से बेटी को समझाकर अपने घर लौटे थे। इसके कुछ देर बाद उन्हें दीपिका के छत से गिरने की सूचना मिली। अस्पताल पहुंचने पर बेटी की मौत हो चुकी थी।
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दीपिका की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : पीटीआई
बहन सारिका नागर ने बताया कि घटना वाली रात करीब 11 बजे उनकी दीपिका से बात हुई थी। बातचीत के दौरान उसने खुद को काफी परेशान बताया था। सारिका ने उसे समझाने की कोशिश की थी, लेकिन अगले ही कुछ घंटों में दुखद खबर आ गई।
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दीपिका की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : पीटीआई
उनका आरोप है कि दीपिका को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष की ओर से फॉर्च्यूनर कार की मांग की जाती थी और शादी में दिए गए दहेज को लेकर ताने भी मारे जाते थे। इस मामले में पुलिस से पूर्व में कोई शिकायत नहीं की गई थी।
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दीपिका के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता संजय नागर ने लगाए आरोप...उठाए सवाल
बोले-हत्या के बाद मेरी बेटी को नीचे फेंका गया
दीपिका के पिता संजय नागर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम में करीब 15 चोटों का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के बाद दीपिका को नीचे फेंका गया। उन्होंने कहा कि पास में अस्पताल होने के बावजूद उसे करीब 20 किलोमीटर दूर ले जाया गया, जिससे इलाज में देरी हुई। अगर बेटी को पास के अस्पताल ले जाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी।