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निर्भया बरसी: छह साल बाद भी इंसाफ को तरसे, माता-पिता का ऐसे छलका दर्द

Sun, 16 Dec 2018 03:13 AM IST
पूजा त्रिपाठी सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sun, 16 Dec 2018 03:13 AM IST
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Nirbhaya parents feeling pain after six year in Delhi
निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस - फोटो : file

‘जीवन का कोई भरोसा नहीं है। हर वक्त डर लगा रहता है कि बेटी को दिया आखिरी वादा पूरा भी कर पाएंगे या नहीं? छह साल बाद भी हमारी बेटी इंसाफ को तरस रही है।’ निर्भया कांड की छठी बरसी पर उसके माता-पिता का दर्द उनकी आंखों से साफ झलकता दिखा। रुंधे गले से निर्भया के परिजन कहते हैं कि छह साल में सब भूल गए। हद तो यह है कि सरकार के प्रतिनिधि मिलने तक का समय नहीं देते। सुप्रीम कोर्ट में पांच महीने पहले रिव्यू याचिका खारिज हो गई, लेकिन क्यूरेटिव याचिका अब भी लंबित है।

Nirbhaya parents feeling pain after six year in Delhi
Nirbhaya Rape Case

निर्भया के माता-पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं लेते। सुबकते हुए कहते हैं कि 16 दिसंबर 2012 से 16 दिसंबर 2018 की सुबह तक एक भी दिन ऐसा नहीं गया, जब किसी अखबार की हेडलाइन में दुष्कर्म, छेड़छाड़ की खबर न हो। जब भी ऐसी कोई खबर पढ़ते हैं तो दिल के जख्म ताजा हो जाते हैं। हम उन बेटियों व उनके परिजनों का दर्द समझते हैं। जिस पर गुजरती है, वहीं समझता है। 16 दिसंबर 2012 को जब निर्भया कांड हुआ तो देश ही नहीं, दुनियाभर में बवाल दिखा। सरकार ने भी महिला सुरक्षा पर बड़े-बड़े वायदे किए, लेकिन कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं?

Nirbhaya parents feeling pain after six year in Delhi
nirbhaya gangrape bus

निर्भया का मां कहती हैं कि बेटी के फोटो के आगे दिया जलाते हुए नजर नहीं मिला पाती हूं। उसकी आंखें हर पल इंसाफ कब मिलेगा, का सवाल पूछती नजर आती हैं? निर्भया ने आखिरी बार उन दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की इच्छा जताई थी। हम इतने बेबस परिजन हैं कि बेटी की आखिरी इच्छा तक को पूरा नहीं कर पाए हैं। भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि उन दरिंदों को फांसी मिलेगी। मां रोते हुए कहती हैं कि जीवन का भरोसा नहीं है। इसलिए चाहते हैं कि अपने सामने उन दरिंदों को फांसी की सजा मिलते देख सकें।

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Nirbhaya parents feeling pain after six year in Delhi
nirbhaya - फोटो : pti

झूठा निकला यूपी सरकार का बेटे को नौकरी देने का वादा
निर्भया के पिता कहते कि सब सरकारें एक जैसी होती हैं। 2012 में हादसे के बाद उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने निर्भया के भाई को नौकरी और हर सभंव मदद देने का भरोसा दिलाया था। उस वक्त निर्भया का भाई 12वीं कक्षा में पढ़ता था। अब जब वह नौकरी के लायक हो गया है तो किसी ने नौकरी देने की बात नहीं की। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि तो मिलने का समय तक नहीं देते हैं।

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nirbhaya

बरसी पर भी कोई हमें याद नहीं करता
परिजनों का आरोप है कि निर्भया कांड की बरसी पर भी कोई सरकार हमें याद तक नहीं करती है। जो बड़ी-बड़ी घोषणाएं या वायदे सरकारों ने किए थे, वे पूरे नहीं किए गए। निर्भया के नाम पर जो एनजीओ हमने बनाया है, उसी के माध्यम से लोग कार्यक्रम आयोजित करते हैं? परिजनों का कहना है कि इतने साल के बाद सरकार के पास देश में कितनी निर्भया हैं, उसका आधिकारिक आंकड़ा तक नहीं है।

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