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Nirbhaya Case: दोषी विनय शर्मा ने उठाया ये बड़ा कदम, नहीं होगी फांसी!
Fri, 10 Jan 2020 08:58 AM IST
शाहरुख खान
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 10 Jan 2020 08:58 AM IST
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विनय शर्मा(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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निर्भया से दरिंदगी करने वाले चार दोषियों में से एक विनय शर्मा ने मौत की सजा से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है। विनय ने बृहस्पतिवार को वकील के जरिये क्यूरेटिव पिटीशन दायर की है। डेथ वारंट जारी होने के बाद सजायाफ्ता के लिए यह अंतिम कानूनी विकल्प होता है। मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया था।
निर्भया के दोषियों को होगी फांसी
- फोटो : Amar Ujala
विनय ने याचिका में कहा कि कोर्ट ने उसके नाबालिग होने को गलत तरह से खारिज किया। साथ ही फैसला देते समय उसकी सामाजिक-आर्थिक परिस्थिति, बीमार माता-पिता सहित परिवार में निर्भर लोगों की संख्या, जेल में अच्छे व्यवहार और सुधार की संभावना पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे न्याय का उल्लंघन होता है।
निर्भया के चारों देषी
- फोटो : अमर उजाला
याचिका में कहा गया है कि कोर्ट ने अपने फैसले में ‘समाज की सामूहिक चेतना’ और ‘सार्वजनिक राय’ जैसी बातों को तथ्य के तौर देखकर उसे और अन्य लोगों को मौत की सजा दी। इससे पहले कोर्ट ऐसे ही मामलों में मौत की सजा को उम्रकैद में बदल चुका है।
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nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
क्यूरेटिव पिटीशन अंतिम कानून विकल्प
क्यूरेटिव याचिका तब दायर की जाती है जब सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका और राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी हो। ऐसे में क्यूरेटिव पिटीशन दोषी के पास आखिरी कानूनी विकल्प होता है, जिसके जरिए वह सजा में नरमी की गुहार लगा सकता है। इसका निपटारा होने के बाद दोषियों के पास राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर करने का सांविधानिक विकल्प ही बचता है।
क्यूरेटिव याचिका तब दायर की जाती है जब सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका और राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी हो। ऐसे में क्यूरेटिव पिटीशन दोषी के पास आखिरी कानूनी विकल्प होता है, जिसके जरिए वह सजा में नरमी की गुहार लगा सकता है। इसका निपटारा होने के बाद दोषियों के पास राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर करने का सांविधानिक विकल्प ही बचता है।
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nirbhaya case
- फोटो : अमर उजाला
निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले मुकेश, पवन, अक्षय और विनय को 22 जनवरी को फांसी दी जाएगी। पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वारंट भी जारी कर दिया है। गौतलब है कि दिल्ली के मुनीरका में 16 दिसंबर 2012 की रात सड़क दौड़ रही बस में एक जिंदगी चीख रही थी.. वो हैवानों से गुहार लगा रही थी अपनी जान बख्शने के लिए, लेकिन 6 दरिंदों को तरस नहीं आया। उन्होंने कुछ ऐसा किया जिससे सुनकर पूरी दुनिया रो पड़ी। उस लड़की के साथ दरिंदों ने न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसके जिस्म के साथ वो खिलवाड़ किया, जिसे सुनकर देश भर के लोग सिहर उठे। दरिंदों ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में चलती बस से नीचे फेंक दिया।